जियो पर तीन लाख करोड़ का कर्ज़, SoftBank को हिस्सेदारी बेचने पर विचार कर रहे मुकेश अंबानी

नई दिल्‍ली। जापान का SoftBank समूह भारत के दूरसंचार क्षेत्र में तेजी से बढ़ती कंपनी रिलायंस जियो में दो से तीन अरब डॉलर का निवेश करने पर विचार कर रहा है। माना जा रहा है कि अरबपति कारोबारी मुकेश अंबानी रिलायंस जियो में अपनी कुछ हिस्सेदारी बेचने के इच्छुक हैं।

यह खबर ऐसे समय आई है जब सऊदी अरब की अरामको के रिलायंस इंडस्ट्रीज के रिफाइनरी एवं पेट्रोकेमिकल कारोबार में 25 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने की रिपोर्ट आ रही हैं। यह सौदा 10 से 15 अरब डॉलर का होने की उम्मीद है।

अरबपति कारोबारी मुकेश अंबानी रिलायंस जियो में हिस्सेदारी बेचने के इच्छुक हैं। जापान का SoftBank जियो में दो से तीन अरब डॉलर निवेश करने पर विचार कर रहा है। आरआईएल पर तीसरी तिमाही में 42.7 अरब डॉलर का कर्ज था, जो 2018-19 की चौथी तिमाही में घटकर 33.2 अरब डॉलर पर आ गया है।

जियो पर तीन लाख करोड़ का कर्ज
जापान का सॉफ्टबैंक दूरसंचार क्षेत्र की तेजी से बढ़ती कंपनी रिलायंस जियो में दो से तीन अरब डॉलर निवेश करने पर विचार कर रहा है। माना जा रहा है कि अरबपति कारोबारी मुकेश अंबानी कारोबार में हिस्सेदारी बेचने के इच्छुक हैं। आरआईएल ने टेलिकॉम क्षेत्र में प्रवेश के लिए रिलायंस जियो को पैसा दिया है, जिसके चलते कुल कर्ज तीन लाख करोड़ हो गया है। वित्तीय मामलों के जानकार का कहना है कि, यह समझदार मार्केट पॉलिसी है।

जेपी मॉर्गन ने रपट में कही ये बात
जेपी मॉर्गन ने अपनी एक शोध रपट में कहा कि, ‘SoftBank को लंबे समय से जियो में एक संभावित निवेशक के तौर पर देखा जा रहा है। पिछले दो साल में हमने कई निवेशकों से बातचीत की जिसमें सॉफ्टबैंक के जियो में निवेश करने की संभावनाओं को उजागर किया गया है। ऐसे में यह खबर चौंकाने वाली नहीं है।’ हालांकि, अब यह देखना है कि सॉफ्टबैंक जियो में वास्तव में कितना पैसा निवेश करता है और क्या इसमें ई-वाणिज्य कारोबार को भी शामिल किया जाएगा?

जियो इंफोकॉम में हिस्सेदारी खरीदने के लिए हो रही जांच
इसके साथ ही सॉफ्टबैंक का ‘विजन फंड’ वर्तमान में जियो इंफोकॉम में हिस्सेदारी खरीदने को लेकर जांच-परख कर रहा है। कंपनी ने सितंबर 2016 में अपनी सेवा शुरू की थी और मात्र दो साल के भीतर ही वह भारत की तीसरी सबसे बड़ी दूरसंचार सेवाप्रदाता कंपनी बन गई।हालांकि, इस खबर पर रिलायंस और सॉफ्टबैंक दोनों के ही प्रवक्ताओं ने टिप्पणी करने से इनकार किया है।

अंबानी के कारोबार पर सऊदी अरामको की नजर
बता दें यह खबर ऐसे समय आई है जब सऊदी अरब की आरामको के रिलायंस इंडस्ट्रीज के रिफाइनरी एवं पेट्रोकेमिकल कारोबार में 25 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने की रिपोर्ट आ रहीं हैं। यह सौदा 10 से 15 अरब डॉलर का होने की उम्मीद है। सऊदी अरब की सबसे बड़ी तेल निर्यातक कंपनी सऊदी अरामको ने चार महीने पहले रिलायंस में रुचि दिखाई थी। इस मामले को लेकर सऊदी के राजकुमार मोहम्मद बिन सलमान ने फरवरी में अपने भारत दौरे के समय मुकेश अंबानी से मुलाकात भी की थी। जिसके बाद से ही बातचीत जारी है।

मामले की जानकारी रखने वाले लोगों का कहना है कि जून के आसपास वेल्युएशन (मूल्य निर्धारण) पर समझौता हो सकता है। बता दें आरआईएल का रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल्स व्यवसाय करीब 55-60 अरब डॉलर का है। बताया जा रहा है कि इस सौदे का सुझाव इन्वेस्टमेंट बैंकर गोल्डमैन सैक्स ने दिया है।

-एजेंसी

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