स्‍मृति ईरानी ने बताया, मेरा गोत्र ‘कौशल’ है किंतु मेरे बच्‍चों का कोई गोत्र नहीं है

अमेठी। कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी के बाद केंद्रीय मंत्री स्‍मृति इरानी ने भी अपना गोत्र सार्वजनिक किया है। स्‍मृति इरानी ने ट्विटर पर उनके, उनके पति और बच्‍चों के गोत्र पूछे जाने के बाद यह खुलासा किया। स्‍मृति ने बताया कि उनके पिता हिंदू थे और उनका गोत्र ‘कौशल’ था। इस वजह से उनका भी गोत्र ‘कौशल’ है। उन्‍होंने बताया कि उनके पति और बच्‍चे पारसी हैं, इसलिए उनका कोई गोत्र नहीं है।
स्‍मृति इरानी ने ट्विटर पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा, ‘मेरा गोत्र कौशल है जैसा कि मेरे पिता का है, उनके पिता का है और उनके पिता का है….मेरे पति और बच्‍चे पारसी हैं इसलिए उनका गोत्र नहीं है। मैं हिंदू धर्म में विश्‍वास करती हूं और इसलिए सिंदूर लगाती हूं।’ इसके बाद उन्‍होंने एक स्‍पष्‍टीकरण देकर कहा, ‘मेरा धर्म हिंदुस्तान है, मेरा कर्म हिंदुस्तान है, मेरी आस्था हिंदुस्तान है, मेरा विश्वास हिंदुस्तान है।’
आपको बता दें कि पांच राज्‍यों के विधानसभा चुनाव के दौरान बीजेपी के कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के गोत्र पर निशाना साधने के बाद उन्‍होंने सोमवार को अपनी गोत्र का खुलासा कर दिया। राहुल गांधी ने पुष्कर में जगतपिता ब्रह्मा जी के मंदिर में यह खुलासा किया। पुष्कर में दर्शन करने के दौरान वहां के पुजारी ने कांग्रेस अध्यक्ष से उनका गोत्र पूछा तो उन्होंने खुद को कौल दत्तात्रेय गोत्री बताया।
कौल दत्तात्रेय ब्राह्मण हैं राहुल गांधी! 
राहुल ने बताया कि वह कौल (कश्मीरी) ब्राह्मण हैं और दत्तात्रेय उनका गोत्र है। इसके बाद पुजारी ने मंदिर में पूजा संपन्न कराई। इससे पहले राहुल गांधी के मंदिर-मंदिर दर्शन के बाद से बीजेपी लगातार हमलावर होते हुए राहुल से कभी उनके जनेऊधारी होने का प्रमाण मांगती रही तो कभी गोत्र पूछने लगी। इससे पहले मध्य प्रदेश के चुनावी दौरे के दौरान बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए पूछा था, ‘हम राहुल गांधी से पूछना चाहते हैं कि आप जनेऊधारी हैं? आप कैसे जनेऊधारी हैं क्या गोत्र है आपका?’
गौरतलब है कि स्‍मृति इरानी ने अमेठी से राहुल गांधी के खिलाफ चुनाव लड़ा था और वह लगातार इस क्षेत्र के दौरे करती रहती हैं। अमेठी के विकास को लेकर वह अक्‍सर राहुल गांधी को घेरती रहती हैं। पिछले दिनों उन्‍होंने कहा था कि जिन लोगों के संसदीय क्षेत्र में आज भी 80 फीसदी मकान कच्चे हों, उनसे देश विकास की उम्मीद नहीं कर सकता है। माना जा रहा है कि आगामी लोकसभा चुनाव में वह दोबारा अमेठी से चुनाव लड़ सकती हैं।
-एजेंसियां

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