Sirisena ने कहा, श्रीलंका में राष्ट्रपति शासन प्रणाली को समाप्त करने का सही समय

कोलंबो। श्रीलंका की कम्युनिस्ट पार्टी जेवीपी के Sirisena ने शनिवार को कहा है कि देश में सरकार की सर्वशक्ति व्यवस्था यानी राष्ट्रपति शासन प्रणाली को समाप्त करने के लिए संविधान में 20वां संशोधन लाने का यह बिल्कुल सही समय है।

Sirisena  ने कहा कि श्रीलंका में सभी प्रमुख कार्यकारी शक्तियां व विशेषाधिकार राष्ट्रपति के पास होते हैं। शासन की इस प्रणाली में राष्ट्रपति सर्वशक्तिमान होते हैं।

राष्ट्रपति शासन प्रणाली को खत्म करने के लिए लाए गए प्रस्ताव के मुख्य प्रस्तावक जनता विमुक्ति पेरमुना (जेवीपी) ने इसके लिए 20वां संशोधन लाने के लिए मुख्य विपक्षी नेता और श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे के साथ चर्चा कर उनका समर्थन मांगा।

जेवीपी के वरिष्ठ नेता बिमल रत्नायके ने कहा कि वह (राजपक्षे) इसे खत्म करने के विचार के साथ हैं। उन्होंने दावा किया कि राजपक्षे, श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना और प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे समेत सभी वर्तमान नेता फिर से राष्ट्रपति चुनाव का सामना करने को लेकर चिंतित हैं।

रत्नायके ने कहा कि सभी जानते हैं कि वे चुनाव नहीं जीत सकते। इसलिए वे सभी इसका समर्थन करेंगे। उन्होंने कहा कि यह राष्ट्रपति पद को सर्वशक्तिमान बनाने वाली प्रणाली को खत्म करने का एक उपयुक्त समय है जो 1978 से चली आ रही है।
-एजेंसी

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