समय निकालकर भगवान का भजन करना चाहिए : साध्वी माँ Dhyan Murti

आगरा। मनुष्य के जीवन और उम्र का कोई भरोसा नहीं है। इस प्रकार भागवत की प्राप्ति किसी भी आयु में हो सकती है। पांच वर्ष की अवस्था में ही बालक ध्रुव ने भागवत प्राप्त कर ली थी। किसी भी व्यक्ति के जीवन में संत का सत्संग मिलने से ही भागवत प्राप्ति संभव है। ध्रुव के जीवन में भी संत के रूप में महर्षि नारद ने भागवत प्राप्ति का मार्ग दिखाया। इसलिए मनुष्य को आयु की परवाह न करके समय निकालकर भगवान् का भजन करना चाहिए। ये कहना था कमला नगर स्थित महाराजा अग्रसेन सेवा सदन पर चल रही कथा मे व्यासपीठासीन साध्वी माँ Dhyan Murti का | श्रीमद्भागवत कथा मेंं दूसरे दिन मंगलवार को कपिलोपाख्यान एवं ध्रुव-चरित्रादि संवाद का वर्णन किया गया |
भागवत कथा सुनने के लिए पुरुषोंं की अपेक्षा महिला श्रोताओंं मेंं भक्ति का उत्साह अधिक देखने को मिला | व्यासपीठासीन साध्वी माँ Dhyan Murti जी के कथावचन के दौरान पूरा मंदिर प्रांगण राधे-राधे गोविन्द राधे के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। कथा के मुख्य यजमान अतुल बंसल एंव आस्था बंसल है। भागवत कथा के दूसरे दिन कथा व्यासपीठासीन साध्वी माँ ध्यान मूर्ति जी के मुखारविंद से ”कान्हा खो गया दिल मेरा तेरे वृन्दावन में… ” भजन से कथा स्थल का वातावरण भक्ति मे सराबोर हो गया| भागवत कथा का आयोजन महाराजा अग्रसेन सेवा सदन द्वारा कराया जा रहा है जो कि 16 सितम्बर तक दोपहर 3 से शाम 6 बजे तक चलेगी। मिडिया समन्वयक विमल कुमार ने बताया कि अजामिल उपाख्यान, भक्त प्रहलाद पर भगवान की कृपा तथा वामन कथा का वर्णन किया जाएगा।
ये रहे मौजूद
इस अवसर पर प्रमुख रूप से डॉ० अनिल गोयल, दिनेश अग्रवाल, ओमकार नाथ गोयल, राजेश अग्रवाल, नरेंद्र बंसल, डॉ० अशोक गर्ग, राकेश मोहन अग्रवाल, किशोरी लाल मित्तल, मुरारी लाल गोयल, कन्हैया लाल अग्रवाल, नरेंद्र बंसल, संजय अग्रवाल, मनीष गोयल, निखिल गर्ग, सोनी शर्मा, रश्मि गोयल, अनूप गोयल आदि मौजूद रहे |

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