बाजार में Rooh Afza की कमी, कंपनी पर नियंत्रण को लेकर जंग की चर्चा

गर्मी चरम पर है और रमजान की शुरुआत हो गई है, लेकिन इस बीच बाजार में Rooh Afza की कमी हो गई है। सोशल मीडिया पर भी इसकी खूब चर्चा हो रही है। दिनभर रोजा रखने वाले मुस्लिम जब शाम को इफ्तार करते हैं तो Rooh Afza के सर्बत से ही गले को तर करते हैं, लेकिन इस बार बहुत से लोग इससे महरूम हैं।
पिछले कुछ समय से बाजार में इसकी कमी है। चर्चा है कि हमदर्द फाउंडर हकीम हाफिज अब्दुल मजीद के पोते अब्दुल मजीद और उनके चचेरे भाई हामिद अहमद के बीच कंपनी पर नियंत्रण को लेकर जंग छिड़ गई है।
कंपनी का दावा
हालांकि कंपनी ने इससे इंकार किया है। हमदर्द के मार्केटिंग ऑफिसर और चीफ सेल्स मंसूर अली ने कहा, ‘हम कुछ हर्बल सामानों की सप्लाई में कमी का सामना कर रहे हैं। हमें उम्मीद है कि एक सप्ताह के भीतर सप्लाई-डिमांड में अंतर को पाट दिया जाएगा।’
अली ने बताया कि 400 करोड़ के इस ब्रैंड की बिक्री गर्मियों में 25 फीसदी बढ़ जाती है। अली ने कहा, ‘बंटवारे को लेकर चर्चा पूरी तरह निराधार है। यह सब अफवाह है।’
अली ने कहा, ‘हम कई महीनों का कच्चा माल स्टॉक में रखते हैं, लेकिन इस बार कुछ कमी हो गई है। जिन हर्बल्स का हम इस्तेमाल करते हैं वे सामान्य रूप से उपलब्ध नहीं होते हैं।’ दो बड़े रिटेलर्स ने सप्लाई में कमी की पुष्टि करते हुए कहा कि जो पहले कैश दे रहे हैं उन्हें पहले सप्लाई मिल रही है। यह ब्रैंड 4.5 लाख रिटेलर्स तक पहुंचता है।
उपभोक्ताओं को खल रही कमी
एक उपभोक्ता ने ट्वीट किया, ‘सालों से Rooh Afza इफ्तार का अहम हिस्सा रहा है। आज हर कोई #Roohafza मिस कर रहा है।’ इस तरह के कई ट्वीट वायरल हो रहे हैं।
पारिवारिक कलह से बंद हो गया था प्रोडक्शन: सूत्र
यह जानकारी मिली है कि अहमद ने मजीद के खिलाफ केस फाइल की है। अटकलें हैं कि इस वजह से रूह अफजा का प्रोडक्शन कम हो गया है। रूह अफजा का करीब 1000 करोड़ रुपये के सिरप ड्रिंक्स मार्केट के आधे हिस्से पर कब्जा है।
एक अधिकारी ने नाम गोपनीय रखने की शर्त पर बताया, ‘चार महीनों से सप्लाई में कमी है। पारिवारिक कलह की वजह से नवंबर में प्रोडक्शन बंद हो गया था और मिड अप्रैल में शुरू हुआ है।’
-एजेंसियां

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