हैरान करने वाला खुलासा: वैज्ञानिकों ने खोजे 6 नए प्रकार के कोरोना वायरस

नेपेडॉ। कोविड-19 महामारी ने दुनियाभर में अब तक एक लाख से अधिक जानें ले ली हैं। माना जाता है कि वायरस चमगादड़ या पैगोलिन जैसे स्तनपायी जंतु से पैदा हुआ हो सकता है। यह दावा दिसंबर में कोरोना वायरस का मामला सामने आने के बाद से ही किया जा रहा है। अब एक और हैरान करने वाली जानकारी सामने आ रही है।
वैज्ञानिकों ने म्यांमार के चमगादड़ों से 6 नए प्रकार के कोरोना वायरस की खोज की है। इस स्टडी को लिखने वाले वैज्ञानिकों के मुताबिक वायरस की खोज 2016 से 2018 के बीच की गई थी लेकिन उनका मौजूदा कोरोना वायरस, सार्स और मर्स से कोई संबंध नहीं माना जा रहा है। ये सभी वायरस जानवरों से इंसानों में फैले हैं।
इंसान-जानवरों के रिश्ते, कम करेंगे वायरस का खतरा
प्लोस वन साइंस साइट पर प्रकाशित स्टडी के राइटर मार्क वालिटूटो ने बताया, ‘वायरल महामारी हमें याद दिलाती है कि इंसान का स्वास्थ्य किस प्रकार जंगली जानवरों के स्वास्थ्य और पर्यावरण से जुड़ा हुआ है।’ मार्क स्मिथसॉनियन्स गोल्बोल हेल्थ प्रोग्राम में काम कर चुके हैं। उन्होंने कहा, ‘दुनियाभर में इंसान तेजी से जानवरों से जुड़ रहे हैं इसलिए हम जानवरों में इन वायरस को और अच्छी तरह से समझ रहे हैं कि ये किस तरह म्यूटेट होते हैं और कैसे अन्य प्रजातियों में फैलते हैं और इस तरह हम महामारी की संभावना को कम कर सकते हैं।’
शोधकर्ताओं ने 11 प्रजातियों के 464 अलग-अलग प्रकार के चमगादड़ों से सैंपल इकट्ठे किए। नए वायरस तीन प्रजातियों में पैदा हुए थे।
लाइव साइंस के मुताबिक छह वायरस को ये नाम दिए गए हैं- प्रीडिक्ट-कोव-90, प्रीडिक्ट-कोव-47 और प्रीडिक्ट-कोव-82, प्रीडिक्ट-कोव-92, 93 और 96
अभी भी चमगादड़ों में मौजूद हैं हजारों कोरोना वायरस
बयान में कहा गया है कि हजारों कोरोना वायरस का पता लगाया जाना अभी बांकी है जो कि चमगादड़ों में मौजूद हैं। स्टडी के को-राइटर सुजान मुरे ने कहा, ‘कई कोरोना वायरस लोगों के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं। अगर हम जानवरों में उनकी जल्द से जल्द पहचान कर ले तो हमारे पास संभावित खतरे की जांच के लिए अनमोल मौके हैं।’
-एजेंसियां

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