शिरडी के बाजार बंद लेकिन साईं मंदिर खुला, उद्धव से बयान वापस लेने की मांग

शिरडी। महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे के साईं के जन्मस्थान को लेकर दिए गए बयान के बाद बवाल बढ़ता जा रहा है। आज शिरडी में बंद का आयोजन किया गया है। शिरडी में दुकानें, भोजनालय एवं विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे और वाहन भी सड़कों से नदारद रहे। हालांकि साईं मंदिर खुला है। ऐसे में मंदिर में साईं के दर्शन के लिए श्रद्धालु मंदिर पहुंच रहे हैं। मंदिर के बाहर अच्छी-खासी तादाद देखी जा रही है।
मंदिर न्यास और अहमदनगर जिला प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि बंद आधी रात को शुरू हुआ लेकिन शिरडी का साईं मंदिर खुला रहा और श्रद्धालुओं ने वहां पूजा-अर्चना की। अधिकारियों के अनुसार शिरडी मंदिर के ‘प्रसादालय’ और ‘लड्डू’ बिक्री के केन्द्रों पर लंबी कतारें दिखीं।
बीजेपी नेता का दावा, सफल रहा बंद
स्थानीय बीजेपी पदाधिकारी सचिन तांबे पाटिल ने बंद को सफल करार दते हुए कहा, ‘व्यावसायिक प्रतिष्ठान, दुकानें, भोजनालय और स्थानीय परिवहन सेवाएं बंद रहीं और शहर सहित शिरडी के आसपास 25 गांवों में पूरी तरह बंद रहा।’ वहीं, जिला प्रशासन अधिकारी ने बताया कि पहले से होटल बुक करने वाले श्रद्धालुओं को वहां रहने की अनुमति है और हवाई अड्डे से मंदिर तक टैक्सी सेवाएं भी सामान्य हैं। अन्य स्थानों से आने वाली राज्य परिवहन बसों को भी शहर में आने की अनुमति है।
दरअसल, यह विवाद उस समय पैदा हुआ जब उद्धव ठाकरे ने परभणी जिले के पाथरी में साईं बाबा से जुड़े स्थान पर सुविधाओं का विकास करने के लिए 100 करोड़ रुपये की राशि आवंटित करने की घोषणा की। कुछ श्रद्धालु पाथरी को साईं बाबा का जन्मस्थान मानते हैं, जबकि शिरडी के लोगों का दावा है कि उनका जन्मस्थान अज्ञात है।
बंद का बीजेपी विधायक ने किया समर्थन
शिरडी स्थित श्री साईं बाबा संस्थान न्यास के मुख्य कार्यकारी अधिकारी दीपक मुगलीकर ने बताया कि बंद के बावजूद मंदिर खुला रहेगा। स्थानीय बीजेपी विधायक राधाकृष्ण विखे पाटिल ने कहा कि उन्होंने स्थानीय लोगों द्वारा बुलाए गए बंद का समर्थन किया है।
‘बयान वापस लें सीएम’
मुगलीकर ने कहा, ‘मुख्यमंत्री को साईं बाबा का जन्मस्थान पाथरी होने संबंधी बयान को वापस लेना चाहिए। देश के कई साईं मंदिरों में एक पाथरी में भी है। सभी साईं भक्त इससे आहत हुए हैं, इसलिए इस विवाद को खत्म होना चाहिए।’ कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण ने भी शुक्रवार को कहा था कि पाथरी में विकास का विरोध जन्मस्थान विवाद की वजह से नहीं किया जाना चाहिए।
क्या है विवाद?
परभणी जिले का पाथरी शिरडी से करीब 275 किलोमीटर दूर स्थित है। ठाकरे ने इसे साईं की जन्मभूमि बताया और इसके विकास के लिए 100 करोड़ रुपये का ऐलान कर दिया। यूं तो साईं के जन्म को लेकर साफ-साफ जानकारी किसी को नहीं है, लेकिन कहा जाता है कि वह शिरडी आकर बस गए और यहीं के होकर रह गए। इसके बाद से शिरडी की पहचान भी साईं से हो गई।
नाराज हैं शिरडी के लोग
सीएम के ऐलान के बाद शिरडी गांव के निवासी नाराज हो गए हैं। शिरडी साईं ट्रस्ट के कार्यकर्ताओं का कहना है कि उन्हें पाथरी के विकास से आपत्ति नहीं है लेकिन उसे साईं की जन्मभूमि कहना ठीक नहीं है। इससे पहले भी साईं बाबा और उनके माता-पिता के बारे में कई गलत दावे किए जा चुके हैं। सीएम के बयान से लोग इतने आहत हो गए हैं कि शिरडी में बंद बुला लिया गया।
-एजेंसियां

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