मानसिक और शारीरिक रूप से सुकून दिलाता है शवासन

इन दिनों वैश्‍विक महामारी से उपजे हालातों को छोड़ दें तो डेली लाइफ में आदमी के स्ट्रेस का लेवल इतना अधिक बढ़ गया है कि वह खुद को हर समय थका हुआ फील करता है। या फिर थोड़ा-सा मेंटल और फिजिकल वर्क करने के बाद लोग थक जाते हैं। इस स्थिति में ना तो वह एक्सर्साइज करने के लायक रहते हैं और ना ही हेल्दी फूड बनाने और खाने लायक।
दिनभर की थकान दूर करने के लिए हम ऐसा क्या करें कि तुरंत मानसिक और शारीरिक थकान से मुक्ति पा सकें?
इस सवाल के जवाब में हेल्थ और फिटनेस एक्सपर्ट गौतम कहते हैं – शवासन कीजिए। सबसे आसान और बेहद असरदार है शवासन योग।
मानसिक तनाव से मुक्ति दिलाए
गौतम का कहना है कि आज लगभग सभी लोग प्रेशर वाली लाइफ जी रहे हैं और मान चुके हैं कि असली जिंदगी यही है। लोग दिन-रात अपने सपनों के पीछे भाग रहे हैं और सपनों को जीने की चाह में जिंदगी जीना भूल रहे हैं। यहीं से हमारे जीवन में मानसिक तनाव हावी होने लगता है।
अटक गया है हमारा ब्रेन
हमारा ब्रेन हर समय ज्यादा से ज्यादा पाने में अटका रहता है। हम हर समय गैजेट्स में उलझे रहते हैं। घर की जरूरतों से लेकर ऑफिस का काम तक सब कुछ टेक्नोलॉजी पर निर्भर हो गया है। किसी भी चीज का उपयोग यदि अति में करते हैं तो उसके नकारात्मक प्रभाव भी हमें देखने को मिलते हैं। यही वजह है कि आज गैजेट्स और टेक्नोलॉजी हमें मानसिक रूप से बीमार बना रहे हैं।
फोकस की कमी दूर करे
गौतम कहते हैं कि सिटिंग और कंप्यूटर बेस्ड जब होने के कारण हमें मेंटल रेस्ट नहीं मिल पाता है। यही वजह है कि हम विचलित रहते हैं, किसी भी एक काम पर फोकस नहीं रह पाते, एंग्जाइटी बढ़ रही है। इन सभी तरह की दिक्कतों से निजात दिलाने में शवासन बहुत अधिक मददगार है।
लाइफ में संतुलन बढ़ाता है
मानसिक रूप से थके और बेचैन रहने के कारण हम अपनी लाइफ को संतुलित नहीं कर पाते जबकि जिंदगी को संतुलित रखना जरूरी है ताकि स्ट्रेस से बचे रहें। इसमें शवासन हमारी बॉडी के लिए बहुत अधिक लाभकारी रहता है क्योंकि शवासन की मुद्रा में हमारा पूरा फोकस अपनी श्वास पर होता है, जिस कारण हमें मानसिक शांति मिलती है।
प्राकृतिक योग है शवासन
मेंटल फिजिकल और इमोशनल लेवल पर संतुलन के लिए योग बहुत अधिक आसान और इफेक्टिव तरीका है। खासतौर पर शवासन। शवासन की उत्पत्ति ही इसलिए हुई ताकि हमें रेस्ट मिल सके। प्राकृतिक रूप से हम सोते हुए भी इस अवस्था में ही होते हैं। यह मुद्रा हमारे शरीर की हर नर्व और सेल को प्रभावित करती है।
शरीर को रिलैक्स करे
शरीर को रिलैक्स करने के लिए शवासन इसलिए जरूरी है क्योंकि यह एक ऑटो सजेशन प्रॉसेस है, जब हम अपने आपको निर्देश देते हैं कि हमें शांत होना है। ऑटो सजेशन एक पॉवरफुल प्रॉसेस है जो बिल्कुल मेडिटेशन की तरह काम करती है। शवासन हमारी शारीरिक थकान उतारता है। गर्दन दर्द, सिरदर्द, ऐंग्जाइटी, कमर दर्द में राहत देता है।
शवासन करने का तरीका
शवासन करने के लिए आप किसी शांत जगह पर पीठ के बल सीधे लेट जाएं। इस दौरान आपके पैरों और हाथों को शरीर से उतनी दूरी पर रखें, जितनी दूरी पर आप सहज महसूस करें। आपकी हथेलियां आसमान की तरफ खुली हुई और आंखें बंद होनी चाहिए।
श्वांस पर रहे ध्यान केंद्रित
गौतम कहते हैं शवासन के दौरान हमें सबसे अधिक लाभ तभी मिलता है, जब हम श्वांस को सहज बनाए रखते हैं। शवासन के दौरान धीरे-धीरे गहरी सांस लें और धीरे-धीरे छोड़ें। आपका ध्यान पूरी तरह अपनी श्वांस पर होना चाहिए। इस दौरान अपने शरीर को एकदम ढीला छोड़कर रखें।
हर रोज कितनी देर करें
योगएक्सपर्ट गौतम कहते हैं कि हर रोज 10 से 15 मिनट किसी भी वक्त हम शवासन कर सकते हैं। यह कहिए कि जब भी आपको थकान महसूस हो आप इस योग मुद्रा को 10 से 15 मिनट के लिए कर लीजिए आपकी मानसिक और शारीरिक थकान तुरंत उतर जाएगी।
गौतम कहते हैं शवासन हमारे शरीर की सभी मसल्स को शांत करता है। इस दौरान हम सहज अवस्था में होते हैं, जिससे पूरे शरीर में ब्लड सर्कुलेशन ठीक रहता है। गहरी सांस लेने से बॉडी में ऑक्सीजन की मात्रा अधिक पहुंचती है, जिससे ब्लड में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ती है और ब्रेन सहित पूरी बॉडी तनाव मुक्त होती है।
फिजिकल लेवल पर इसके फायदे
जब भी बहुत अधिक थकान महसूस होती है तो हम चाय पीने या स्मोक करने चले जाते हैं। यह हमें नुकसान पहुंचाता है। अगर उस वक्त हम शवासन करें तो हमें बहुत अधिक फायदा मिलेगा। अगर आपके ऑफिस में ऐसी कोई जगह नही है जहां आप इस आसन को कर सकें तो खुली और शांत जगह में बैठकर गहरी सांसें लें।
-एजेंसियां

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