शरजील ने दिल्‍ली पुलिस को बताया अपना मंसूबा, गिरफ्तारी का मलाल नहीं

नई दिल्‍ली। संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) और नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजंस (एनआरसी) के खिलाफ प्रदर्शनों में भड़काऊ भाषण देने के लिए गिरफ्तार जेएनयू छात्र शरजील इमाम भारत को इस्लामिक देश बनाने का मंसूबा रखता है। यह बड़ी जानकारी दिल्ली पुलिस की पूछताछ में सामने आई है। बता दें कि शरजील फिलहाल दिल्ली पुलिस की रिमांड पर है। पुलिस सूत्रों ने बताया है कि शरजील कट्टरपंथ से बहुत ज्यादा प्रभावित है और उसे गिरफ्तारी का कोई मलाल नहीं है।
पुलिस ने शरजील को बिहार के जहानाबाद से मंगलवार को गिरफ्तार किया था। उसने असम को देश के बाकी हिस्से के काटने वाला भड़काऊ भाषण दिया था जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। अब पुलिस सूत्रों से उससे पूछताछ के दौरान की कुछ बातें सामने आई हैं। सूत्र बताते हैं कि शरजील इमाम कट्टरपंथी है और मानता है कि भारत को इस्लामिक देश होने चाहिए।
सूत्रों के अनुसार उसने यह भी मान लिया है कि उसकी वीडियोज से कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है। फिलहाल उसके भाषण वाली वीडियोज को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है।
शरजील ने पूछताछ में यह भी कहा है कि उसे अपनी गिरफ्तारी का कोई मलाल नहीं है। अब पुलिस यह देख रही है कि उसका इस्लामिक यूथ फेडरेशन एंड पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया से कोई संबंध है या नहीं।
बता दें कि सीएए के खिलाफ हिंसक प्रदर्शनों में इस्लामिक यूथ फेडरेशन एंड पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया ( पीएफआई) का नाम आया था। पीएफआई एक उग्र इस्लामिक कट्टरपंथी संगठन है।
शरजील को लगातार शिफ्ट कर रही पुलिस
मिली जानकारी के मुताबिक पूछताछ में लगी टीमें शरजील को कुछ देर एक स्थान पर पूछताछ करके दूसरी जगह शिफ्ट कर दे रही हैं ताकि वो मानसिक दबाब में रहे। साथ ही पुलिस को बिना किसी ज्यादा जद्दोजहद के शरजील इमाम से ज्यादा से ज्यादा जानकारी हासिल हो सके।
दिल्ली पुलिस अपराध शाखा के एक सूत्र के मुताबिक ‘पुलिस से बचने के लिए इधर-उधर छिपता फिर रहा शरजील तीन-चार दिन से ठीक से सो नहीं पाया था। मंगलवार को गिरफ्तार होने के बाद से भी वो लगातार चल ही रहा है। या फिर उससे पुलिस टीमें पूछताछ कर रही हैं।’ गौरतलब है कि दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने शरजील को पांच दिन के लिए रिमांड पर पुलिस के सुपुर्द किया है। उसके बाद से दिल्ली पुलिस की तमाम टीमें उससे पूछताछ कर रहीं हैं। इस दौरान थकान की आड़ लेकर वो सोना चाह रहा है ताकि रिमांड का वक्त किसी तरह से गुजर जाए।
-एजेंसियां

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