पूर्वोत्तर को भारत से काटने का ख्वाहिशमंद शरजील इमाम गिरफ्तार

नई दिल्‍ली। CAA और NRC के ख़िलाफ़ अलीगढ़ में हुए एक विरोध प्रदर्शनों के दौरान भड़काऊ भाषण देने का आरोपी शरजील इमाम गिरफ़्तार कर लिया गया है.
समाचार एजेंसी पीटीआई और एएनआई ने शरजील इमाम गिरफ्तारी को कन्‍फर्म किया है.
पूर्वोत्‍तर राज्‍यों असम आदि को देश से अलग करने के ख्वाहिशमंद शरजील के ख़िलाफ़ अलीगढ़ पुलिस ने देशद्रोह और दंगा भड़काने की धाराओं के तहत मुक़दमा दर्ज किया है. असम और दिल्ली में भी इसी तरह की एफ़आईआर दर्ज हुई हैं.
शरजील का जो वीडियो वायरल हो रहा है, उसमें शरजील कहते हुए दिख रहा है, “अगर हमें असम के लोगों की मदद करनी है तो उसे भारत से कट करना होगा.”
प्राप्‍त ख़बरों के अनुसार शरजील को बिहार के जहानाबाद से दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है.
अलीगढ़ से भी शरजील की गिरफ़्तारी के लिए दो टीमें जहानाबाद भेजी गई थीं. अलीगढ़ पुलिस, बिहार पुलिस और दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर शरजील को पकड़ने की कोशिश कर रही थी.
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि “किसी को कोई ऐसा काम नहीं करना चाहिए जो राष्ट्रहित में न हो. उस पर आरोप हैं इसलिए उसे गिरफ्तार किया गया है, अब आगे कोर्ट फ़ैसला लेगा.”
भाजपा नेता गिरिराज सिंह ने ट्वीट कर कहा है शरज़ील इमाम पकड़ा गया.
उन्होंने लिखा, “ये सब टुकड़े-टुकड़े गैंग देश तोड़ने का काम करें और आप उसको बचाने के लिए फ़ाइल दबा के बैठे रहो.”
शरजील का पैतृक घर बिहार के जहानाबाद ज़िले के काको प्रखंड में पड़ता है.
एक दिन पहले शरजील की मां के नाम से जारी बयान में लिखा गया है, “शरजील इमाम को उस बयान के लिए प्रताड़ित किया जा रहा है जिसे मीडिया ने तोड़-मरोड़ कर पेश किया है. अब पुलिस हमें भी परेशान कर रही है. मां और दूसरे घरवालों को लगातार धमकियां देकर डराया जा रहा है. हम क़ानून में भरोसा करते हैं मगर इस तरह से कार्यवाही मानवाधिकारों का उल्लंघन है.”
शरजील की मां की ओर से जारी बयान में पुलिस पर परेशान करने के लगे आरोपों पर एसपी मनीष कुमार ने कहा, “पूछताछ करना पुलिस का काम है क्योंकि उनके परिवार के सदस्य के ख़िलाफ़ मामला दर्ज हुआ है. इसमें परेशान करने जैसी कोई बात नहीं.”
शरजील के परिवार की पृष्ठभूमि राजनीतिक है. उनके पिता अकबर इमाम जेडीयू के लीडर रहे हैं. 2005 में उन्होंने पार्टी के टिकट से चुनाव भी लड़ा था. पिता के गुज़र जाने पर अब भाई मुज़म्मिल स्थानीय राजनीति में एक्टिव हो गए हैं. चाचा अरशद इमाम भी जेडीयू के प्रखंड स्तर के नेता हैं.
जहानाबाद के स्थानीय पत्रकार राजन कुमार कहते हैं कि “शरजील की शुरुआती पढ़ाई यहीं से हुई है. वह उन दिनों में अपने मोहल्ले के सबसे तेज़ लड़कों में से थे. आईआईटी रुड़की से इंजीनियरिंग की है. बंबई से रिसर्च किया है. अभी जेएनयू से भी रिसर्च ही कर रहा है लेकिन अब गांव से उनका कोई ख़ास कनेक्शन नहीं है. यहां आता भी है तो पटना में मां के पास समय बिताता है.”
वैसे तो शरजील के भाषण से शाहीन बाग़ वाले प्रदर्शनकारियों ने ख़ुद को अलग कर लिया है लेकिन उसके परिजन शरजील के भाषण के पक्ष में पूरी मज़बूती के साथ खड़े हैं.
उसके चाचा अरशद कहते हैं, “उसने अपनी बात रखी है. इस लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखने का हक़ है लेकिन मीडिया ने इसे बीजेपी वालों के कहने पर इस तरह से दिखा दिया कि हमारा लड़का देशद्रोही बन गया. जो लोग उसे देशद्रोही कह रहे हैं उन्हें उसका पूरा भाषण सुनना चाहिए.”
क्या है वायरल वीडियो में?
वायरल वीडियो में शरजील इमाम कहता दिखता है, “मेरी नज़र में आगे का प्लान हमारे सामने यह होना चाहिए कि हम लोग अपना एक इंटलेक्चुअल सेल बनाएं जिसे गांधी, नेशन इन सब चीज़ों में लगाव न हो. आपको पता होना चाहिए कि 20वीं सदी का सबसे फासिस्ट लीडर गांधी ख़ुद है. कांग्रेस को हिंदू पार्टी किसने बनाया ?”
वीडियो में शरजील कहता नज़र आता है, “लोग हमारे पास ऑर्गनाइज़्ड हों तो हम हिंदुस्तान और नॉर्थ ईस्ट को परमानेंटली कट कर सकते हैं. परमानेंटली नहीं तो कम से कम एक-आध महीने के लिए तो कट कर ही सकते हैं. मतलब इतना मवाद डालो पटरियों और सड़कों पर कि उन्हें हटाने में ही एक महीना लगे.”
वीडियो के मुताबिक शरजील कहता है कि “असम और इंडिया कटकर अलग हो जाएंगे, तभी ये हमारी बात सुनेंगे. असम में जो मुसलमानों का हाल है, आपको पता है. सीएए लागू हो गया वहां. डिटेंशन कैंप में लोग डाले जा रहे हैं. वहां क़त्ल-ए-आम चल रहा है. छह-आठ महीने में पता चला सारे बंगालियों को मार दिया, हिंदू हो या मुसलमान. अगर हमें असम की मदद करनी है तो असम का रास्ता बंद करना होगा.”
पूर्वोत्तर को भारत से जोड़ने वाले पतले से भूभाग जिसे ‘चिकन्स नेक’ कहा जाता है, शरजील उसका भी ज़िक्र करता है. उसने कहा, ”यहां मुसलमान अधिक संख्या में हैं और वे ऐसा कर सकते हैं.”
-एजेंसियां

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