Shani Jayanti 15 मई को, सर्वार्थ सिद्धि योग का निर्माण

आगामी 15 मई को Shani Jayanti मनाई जाएगी। हमेशा की तरह शनिदेव का जन्‍मोत्‍सव ज्येष्ठ कृष्ण अमावस्या को मनाया जाता है। इस बार वटसावित्री अमावस्या और भौमवती अमावस्या का भी संयोग बन रहा है। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग की भी निष्पत्ति हो रही है। मंगलवार को अमावस्या होने के कारण शनि जयंती का महत्व और अधिक बढ़ गया है। भौमवती अमावस्या मंगलवार को होने के कारण महंगाई बढ़ेगी साथ ही प्राकृतिक आपदा से जन धन की हानि संभावित है। साथ ही अपराध में वृद्धि के संकेत मिल रहे हैं।

इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग का प्रारंभ मंगलवार को सुबह 10.55 बजे से प्रारंभ हो जाएगा,जो दूसरे दिन देर रात्रि तक रहेगा। मुहूर्त चिंतामणि के अनुसार मंगलवार की अमावस्या को पुष्कर योग की उपमा दी गई है। इस दिन किया गया जप और दान का फल सहस्त्र गौदान के बराबर होता है। शनि जयंती के साथ अमावस्या का शुभ संयोग, अंगारक योग, शनि की साढ़े साती, विष योग, ग्रहण दोष एवं पितृ दोष की शांति के लिए विशेष शुभ फलकारी रहेगा।

शनिदेव की उपासना करने से शनि के सभी दोषों से मुक्ति मिलती है। इस बार शनि जयंती 15 मई को है। इस बार शनि जयंती के दिन सर्वार्थसिद्धि योग है। इसके साथ ही शनि जन्मोत्सव इस बार उन लोगों के लिए खास होगा जो शनि की साढ़ेसाती, शनि के ढैया या जन्मकुंडली में शनि की महादशा या शनि की खराब स्थिति के कारण पीड़ित चल रहे हैं। वे लोग शनि जयंती पर शनि को प्रसन्न करने के उपाय कर अपनी सभी परेशानी से छुटकारा पा सकते हैं।

शनि देव को प्रसन्न करने के लिए

इस बार शनि देव को प्रसन्न करने के लिए काला उड़द, काला तिल, स्टील-लोहे के बर्तन, श्रीफल, काले वस्त्र, लकड़ी की वस्तुएं, औषधि आदि का दान करें।

किसी गरीब को भोजन कराने से भी शनिदेव प्रसन्न होते हैं।

अगर शनि की साढ़ेसाती हो तो किसी गरीब की दवाई का खर्चा उठाएं।

इस दिन शनि के वैदिक तथा बीज मंत्र ऊं खां खीं खूं सः मंदाय स्वाहाः के 21 माला जाप करें। Shani Jayanti पर शनि मंदिर में शनिदेव का तेलाभिषेक पूजन करने से शुभफल की प्राप्ति होती है।

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