आगरा में Toy train चलाने के लिए शाहजहाँ उद्यान एक बेहतर विकल्प

Toy train चलाने से ‘ताज नेचर वॉक’ का उद्देश्य पूर्णतः विफल हो जायेगा
आगरा। Toy train के ताज नेचर वॉक में संचालन से वहाँ का वन क्षेत्र एवं जैव-विविधता प्रभावित होगी और इस ट्रेन के लिए शाहजहाँ उद्यान एक बेहतर विकल्प है। यह बात आगरा के नागरिकों की संस्था आगरा डवलपमेन्ट फाउण्डेशन (एडीएफ) द्वारा मुख्यमंत्री के आईजीआरएस पोर्टल पर भेजे गये सुझाव में रखी गई।

भेजे गये पत्र में एडीएफ सचिव के0सी0 जैन ने यह उल्लेख किया कि शासन द्वारा भारतीय रेल से उपहार स्वरूप मिलने वाली Toy train को ‘ताज नेचर वॉक’ में चलाने के प्रस्ताव पर जो विचार किया जा रहा है किन्तु इस प्राकृतिक स्थल व वन क्षेत्र के सम्बन्ध में अनेक महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर विचार नहीं किया गया है।

ताज नेचर वॉक एक वृहद क्षेत्र में फैला हुआ संरक्षित वन क्षेत्र है, जहाँ अनेक प्रकार के पक्षी प्रवास करते हैं और यह क्षेत्र अत्यन्त शान्त व जैव विविधता से पूर्ण है। यहाँ अनेक पक्षी व वन्य जीवों द्वारा प्रजनन भी होता है। यह क्षेत्र ऊँचा-नीचा है और स्थानीय प्रजातियों के वृक्षों से परिपूर्ण है, जिसमें पीलू, रौन्ज, हिंगोटए आदि भी सम्मिलित हैं। ‘ताज नेचर वॉक’ में अनेकों प्रजातियों की झाड़ियाँ भी हैं, जिनमें हेमकन्द, अरनी, करील व हींस आदि प्रमुख हैं। ये झाड़ियाँ इस वन क्षेत्र में व्यापक रूप फैली हुई हैं, जिनमें मोर व अन्य अनेक पक्षी व तितलियाँ आदि अपने अण्डे देते हैं।

पत्र में यह बात उठाई गई कि इस वन क्षेत्र में यदि ‘टॉय ट्रेन’ चलाने की योजना बनाई जाती है, तो वृक्षों व झाड़ियों को काटना होगा, जिससे यहाँ की जैव-विविधता विपरीत रूप से प्रभावित होगी और इस क्षेत्र का मूल स्वरूप समाप्त हो जायेगा। ‘टॉय ट्रेन’ की आवाज और ट्रेन के आकर्षण के कारण अधिक पर्यटकों का आवागमन व शोरशराबा वन्य जीवों के लिए एक बड़ी दुश्वारी होगा।

टॉय ट्रेन चलाने से ‘ताज नेचर वॉक’ का उद्देश्य पूर्णतः विफल हो जायेगा, जिसका उद्देश्य खादरों में स्थित स्थानीय प्रजातियों के वृक्षों, झाड़ियों, पक्षियों और भिन्न-भिन्न प्रकार की तितलियों व कीट-पतंगों से रूबरू होना है। ‘टॉय ट्रेन’ चलाने की स्थिति में उसकी पटरी डालने के लिए झाड़ियों और वृक्षों को काटना पड़ेगा और ऊँचे-नीचे स्थल को समतल करना होगा, जो वन क्षेत्र के मूल स्वरूप को क्षतिग्रस्त करेगा अन्यथा भी ‘टॉय ट्रेन’ एक व्यवसायिक गतिविधि है, जिसका वन क्षेत्र में संचालन नियम विरुद्ध ही होगा।

पत्र में यह सुझाव दिया गया कि ‘ताज नेचर वॉक’ के स्थान पर ताजमहल के निकट स्थित ‘शाहजहाँ उद्यान’ में यदि टॉय ट्रेन चलाई जाये, तो वह देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करेगी और वहाँ वृक्षों और झाड़ियों को काटने की भी आवश्यकता नहीं होगी। अभी हाल में शाहजहाँ उद्यान में ‘वॉक-वे’ निर्मित किया गया है, उससे लगे हुए स्थान पर अथवा अन्य उपयुक्त स्थान पर ‘टॉय ट्रेन’ सफलतापूर्वक चलाई जा सकती है। शाहजहाँ उद्यान में ‘टॉय ट्रेन’ चलाने में वन क्षेत्र के विधिक प्रतिबंध भी लागू नहीं होंगे।

एडीएफ की ओर से यह आशा व्यक्त की गई कि ‘टॉय ट्रेन’ को ‘ताज नेचर वॉक’ के स्थान पर ‘शाहजहाँ उद्यान’ अथवा पालीवाल पार्क या अन्य किसी स्थान पर चलाया जायेगा ताकि ताज नेचर वॉक का वन क्षेत्र व उसकी जैव-विविधता पर प्रतिकूल रूप से प्रभावित नहीं होगी।

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