भिंडरावाले की तुलना गुरमीत राम रहीम से करने पर SGPC ने पत्रकार कुलदीप नैयर का सम्‍मान छीना

नई दिल्ली। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी SGPC ने वरिष्ठ पत्रकार और लेखक कुलदीप नैयर को दिया सम्मान वापस लेने का फ़ैसला किया है.
कुलदीप नैयर को अकाल तख़्त की 400वीं वर्षगांठ पर पत्रकारिता में योगदान के लिए अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था.
कुलदीप नैयर ने जरनैल सिंंह भिंडरावाले की तुलना गुरमीत राम रहीम से की थी जिस पर दमदमी टकसाल ने आपत्ति जताई थी.
गुरुद्वारा फ़तेहगढ़ साहिब में हुई शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी की मीटिंग में यह फ़ैसला लिया गया.
SGPC के अध्यक्ष कृपाल सिंह बडूंगर ने बयान में कहा, “कुलदीप नैयर ने जिस तरह की शब्दावली इस्तेमाल की थी, उसके बाद सिख समुदाय में नाराज़गी देखी जा रही थी इसीलिए शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी ने उन्हें दिया गया अवॉर्ड वापस लिया है.”
दमदमी टकसाल ने किया स्वागत
SGPC के इस फ़ैसले का दमदमी टकसाल ने स्वागत किया है.
दमदमी टकसाल के प्रमुख ज्ञानी हरनाम सिंह खालसा ने कहा कि वह एसजीपीसी की बैठक में लिए गए फ़ैसले का स्वागत करते हैं. उन्होंने कहा कि नैयर ने जरनैल सिंह भिंडरावाले को लेकर जो शब्द इस्तेमाल किए हैं, उससे सिख समुदाय आहत हुआ है.
दमदमी टकसाल के प्रमुख ने सरकार से मांग की है कि नैयर की आत्मकथा ‘बिऑन्ड द लाइन्स’ पर प्रतिबंध लगाया जाए.

उल्‍लेखनीय है कि डेरा सच्‍चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को हाल ही में पंचकुला की एक अदालत ने दो साध्‍वियों के साथ दुराचार करने के आरोप में बीस साल कैद की सजा सुनाई हैैै. गुरमीत राम रहीम इन दिनों जेल में निरुद्ध है.
-BBC