3 सितंबर पूरे देश में राष्ट्रीय प्रार्थना दिवस के रूप में मनाया जाएगा: डोनल्ड ट्रंप

अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि 3 सितंबर का दिन पूरे देश में राष्ट्रीय प्रार्थना दिवस से रूप में मनाया जाएगा.
ट्रंप के अनुसार तूफ़ान हार्वी से प्रभावित लोगों और राष्ट्र स्तर पर राहत और बचाव के हमारी कोशिशों के लिए हमें 3 सितंबर का दिन प्रार्थना दिवस से रूप में मनाना चाहिए.
एक बयान जारी कर व्हाइट हाउस ने कहा है कि 25 अगस्त को तूफ़ान हार्वी टेक्सस के रॉकपोर्ट से टकराया था जिसके बाद उसने टेक्सस और लुईसियाना में भारी तबाही मचाई.
“तूफ़ान के कारण कई जानें गईं, बहुत से लोगों से चोटें आईं, लाखों घर तबाह हो गए और करोड़ों डॉलर का नुकसान हुआ है. टेक्सस और लुईसियाना में हुई तबाही का दुख पूरे देश को है.”
“जो लोग वहां राहत कार्य में जुटे हैं हम उनके आभारी हैं और हम तूफ़ान से प्रभावित लोगों के लिए प्रार्थना करते हैं.”
इस संबंध में आदेश पर हस्ताक्षर करने के बाद राष्ट्रपति ट्रंप और अन्य नेताओं ने प्रर्थना की. इसका वीडियो ट्रंप ने अपने ट्विटर हैंडल पर पोस्ट किया है.
व्हाइट हाउस का कहना है कि लैक्सिंगटन और कॉन्कोर्ड की लड़ाई के बाद कांग्रेस ने 12 जून 1775 को प्रार्थना दिवस के रूप में मनाए जाने की घोषणा की थी.
इसके बाद 30 अप्रैल 1789 में राष्ट्रपति जॉर्ज वॉशिंगटन ने देश के पहले राष्ट्रपति उद्घाटन समारोह में अमरीकियों से अपील की थी कि वो ईश्वर से सुरक्षा और मदद के लिए प्रर्थना करें.
ट्रंप ने अपील की है, “सभी अमरीकी, चाहे वो किसी भी धर्म को मानते हों या किसी भी नस्ल के हों आगे आएं और तूफ़ान हार्वी के कारण अपने परिजनों, घरों और संपत्ति खो चुके लोगों और राहत के काम में लगे हमारे कार्यकर्ताओं, कानून का पालन करने वाले अधिकारियों, सैनिकों और स्वास्थ्य सेवाओं के कर्मचारियों के लिए प्रार्थना करें.”
“हममें से सभी अपने-अपने तरीकों से ईश्वर को पुकारें और इस मुश्किल वक्त में हमें ताकत और हिम्मत प्रदान करने के लिए प्रार्थना करें.”
तूफ़ान हार्वी से हुआ नुक़सान
तूफ़ान हार्वी के कारण अमरीका में अब तक 40 लोगों की मौत हुई है.
टेक्सस डिवीज़न इमर्जेंसी मैनेजमेंट के अनुसार में इसके कारण 93,942 घर या तो नष्ट हो गए हैं या उन्हें नुक़सान पहुंचा है. यहां 80 फीसदी लोगों के पास बाढ़ से होने वाले नुक़सान की भरपाई करवने के लिए बीमा नहीं है.
टेक्सस के गवर्नर ग्रेग अबोट के अनुसार हज़ारों लोग अपने घर छोड़ कर दूसरी जगहों पर चले गए हैं और 32,000 लोगों को राहत शिविरों में रखा गया है.
लुईसियाना की सीमा के नज़दीक ब्यूमोंट में अधिकारियों का कहना है कि बाढ़ के कारण 1.2 लाख लोगों के इस शहर में पीने की पानी की व्यव्स्था पूरी तरह चौपट हो गई है.
-BBC