आत्मनिर्भर भारत पैकेज: वित्तमंत्री ने दी खर्च और लाभान्‍वितों की जानकारी

नई दिल्‍ली। वित्त मंत्रालय ने कहा है कि आत्मनिर्भर भारत पैकेज के तहत स्पेशल लिक्विडिटी स्कीम ने अच्छी प्रगति की है। ये स्कीम नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों, हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों और मॉनेटरी फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन के लिए लाई गई है। 11 सितंबर तक 10,590 करोड़ रुपये के 37 प्रस्तावों को मंजूरी मिल चुकी है। वहीं 6 आवेदन अभी विचाराधीन है, जो करीब 783.5 करोड़ रुपयों के हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 20 लाख करोड़ रुपये के आत्मनिर्भर पैकेज से जुड़ी ऐसी ही कई अन्य जानकारियां दीं कि पैसा कैसे खर्च हो रहा है और किसे-किसे फायदा पहुंचाया जा रहा है।
मंत्रालय के अनुसार के कुछ आंकड़े पब्लिक सेक्टर बैंकों और टॉप-23 निजी बैंकों ने भी दिए हैं। इन बैंकों के अनुसार 10 सितंबर तक आपात ऋण सुविधा गारंटी योजना (ईसीएलजीएस) के तहत 42,01,576 इकाइयों को 1,63,226.49 करोड़ रुपयों का अतिरिक्त क्रेडिट देने को मंजूरी दी गई है। इसमें से 25,01,999 इकाइयों को 1,18,138.64 करोड़ रुपये का कर्ज दिया जा चुका है।
इस योजना के तहत 10 सितंबर तक 25 लाख एमएसएमई को 1.18 लाख करोड़ रुपये का कर्ज वितरित किया जा चुका है। कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए लागू लॉकडाउन से एमएसएमई इकाइयां बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। यह योजना वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा मई में घोषित 20 लाख करोड़ रुपये के आत्मनिर्भर भारत अभियान पैकेज का सबसे बड़ा हिस्सा है।
वित्त मंत्रालय द्वारा कार्यान्वित अन्य योजनाओं का ब्योरा साझा करते हुए बयान में कहा गया है कि बैंकों ने गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी), आवास वित्त कंपनियों (एचएफसी) तथा सूक्ष्म वित्त कंपनियों (एमएफआई) के लिए 45,000 करोड़ रुपये की आंशिक ऋण गारंटी योजना 2.0 के तहत 25,055.5 करोड़ रुपये के पोर्टफोलियो की खरीद की मंजूरी दी है। बैंक अभी 4,367 करोड़ रुपये के अतिरिक्त पोर्टफोलियो के लिए मंजूरी-बातचीत की प्रकिया है। बयान में कहा गया है कि विभाग ने एक अप्रैल, 2020 से आठ सितंबर, 2020 के दौरान 27.55 लाख करदाताओं को 1,01,308 करोड़ रुपये का कर रिफंड जारी किया है।
-एजेंसियां

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