भारत में भी काफी लोकप्रिय हो रही है अब Self driving कार

Self driving अब भारत में भी काफी लोकप्रिय हो रही है, खासकर मेट्रो सिटीज में। ज्यादातर लोग अब किसी जगह को देखने के लिए कैब, ट्रेन, बस या फ्लाइट से जाने के बजाय कार रेंट पर ले रहे हैं। यहां हैं कुछ टिप्स जो सेल्फ ड्राइविंग कार चुनने में आपकी मदद करेंगे।
सही दाम चुनें
Self driving कार ज्यादातर घंटे के हिसाब से चार्ज की जाती है लेकिन वीकेंड के दौरान चार्ज बढ़ जाता है। कार ईधन के साथ है या नहीं, इसके हिसाब से भी रेंट में फर्क आ जाता है। फ्यूल ऑप्शन ज्यादा महंगा पड़ता है क्योंकि इसमें किमी के हिसाब से ईंधन पड़ा होता है जबकि बिना फ्यूल वाले ऑप्शन में खर्च खुद उठाना पड़ता है। दोनों में से कौन सा ऑप्शन लें यह तय करने का सबसे अच्छा तरीका है कि आपको यह पता हो कि आपको कितनी दूरी कवर करनी है। अगर आप ज्यादा ड्राइव करना चाहते हैं तो बेहतर होगा कि बिना ईंधन वाला प्लान लें। शहर के अंदर ही घूमने के लिए फ्यूल वाले प्लान ठीक रहते हैं।
किस तरह की हो कार
Self driving कंपनियां हैचबैक्स, सेडान और एसयूवी जैसे कई ऑप्शंस देती हैं। इसमें कई ब्रैंड ऑप्शंस भी होते हैं। अपनी चॉइस के हिसाब से लग्जरी कारें या स्पोर्ट्स कार भी ले सकते हैं। हालांकि एक मिडिल क्लास कंज्यूमर के लिए लोगों की संख्या, सामान और ट्रिप के दौरान कंफर्ट को ध्यान में रखते हुए यह फैसला करना चाहिए। उदाहरण के तौर पर अगर चार अडल्ट्स कम सामान के साथ लॉन्ग जर्नी प्लान कर रहे हैं तो उन्हें मैनुअल ट्रांसमिशन के साथ डीजल हैचबैक चुननी चाहिए ताकि जर्नी की ओवरऑल कॉस्ट कम आए। डीजल कार से सही माइलेज मिलेगा। वहीं इंटरसिटी ट्रैवल के लिए लोग ऑटोमैटिक कार ले सकते हैं ताकि ट्रैफिक में न फंसना पड़े।
दूसरी कीमतों पर भी दें ध्यान
जब आप सेल्फ-ड्राइव कार लेते हैं तो सिर्फ रेंट ही नहीं लगता बल्कि कार कंपनीज कई और खर्च भी लेती हैं जैसे रिफंडेबल सिक्योरिटी डिपॉजिट, डैमेज कॉस्ट और दूसरी पैनल्टीज। सिक्योरिटी डिपॉजिट ज्यादातर 999 से 5000 तक होता है, डैमेज कॉस्ट इसी से काट ली जाती है। अगर डैमेज की कीमत डिपॉजिट से ज्यादा होती है तो कंज्यूमर को गाड़ी वापस करते वक्त यह कीमत चुकानी होती है। कई कंपनियां ओवर स्पीडिंग की भी पेनल्टी लगाती हैं।
जी हां, ओवर-स्पीडिंग को ट्रैक करने के लिए भी कुछ कंपनियों के पास स्मार्ट टेक्नॉलजी होती है।
चुनी गई जगह पर नेटवर्क भी चेक करें
सेल्फ-ड्राइविंग कार को किसी खास जगह ले जाने से पहले चेक कर लें कि यह नेटवर्क कवरेज एरिया में है या नहीं क्योंकि किसी खास शहर में घूमते वक्त आपको आसपास की जगहें ढूंढ़ने के लिए ऑनलाइन रहना पड़ेगा और इमरजेंसी सिचुएशन के दौरान कनेक्टेड भी रहना पड़ेगा।
कार लेने से पहले पार्ट्स, टूलकिट और स्टेपनी भी चेक करें
कई लोगों को Self driving कार किराए पर लेने का अनुभव नहीं होता। बेहतर होगा कि किराए पर रहने से पहले कार को ठीक से चेक कर लें। स्टेपनी और जैक भी देखना न भूलें। इसके बाद ब्रेक, इंजन और कार की बैटरी और कार की कंडिशन चेक कर लें ताकि लेकर निकल जाने के बाद कोई मुश्किल न हो।
-एजेंसी

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