चीन से खतरे को देखते हुए अमेरिका ने अपनी नौसेना को और ताकतवर बनाने का ऐलान किया

वाशिंगटन। चीन से बढ़ते खतरे को देखते हुए अमेरिका ने अपनी नौसेना को और ताकतवर बनाने का ऐलान किया है। रक्षा मंत्री मार्क एस्पर ने यूएस नेवी के फ्यूचर फ्लीट प्लान की घोषणा करते हुए कहा कि हम आने वाले दिनों में बड़ी संख्या में अटैक सबमरीन फोर्स का निर्माण करेंगे। उन्होंने कहा कि परमाणु शक्ति से चलने वाली भारी भरकम एयरक्राफ्ट कैरियर की तुलना में हम छोटे छोटे एयरक्राफ्ट कैरियर्स का निर्माण करेंगे। इससे दुनिया के अधिक से अधिक क्षेत्रों में हमारी मौजूदगी सुनिश्चित हो सकेगी।
बैटल फोर्स 2045 से मजबूत बनेगी यूएस नेवी
सेंटर फॉर स्ट्रेटेजिक एंड बजटरी असेसमेंट में एक ऑनलाइन इवेंट के दौरान मार्क एस्पर ने बैटल फोर्स 2045 की रूपरेखा को सामने रखा। उन्होंने कहा कि हम साल 2045 तक 500 मानवयुक्त और मानव रहित जहाजों के बेड़े को तैयार कर लेंगे। इसके अलावा साल 2035 तक 355 ट्रेडिशनल बैटल फोर्स को भी प्राप्त करने की योजना है। उन्होंने कहा कि इसको संचालित करने के लिए हम छोटे और मानव रहित जहाजों में भारी निवेश करेंगे।
अटैक सबमरीन से पानी के नीचे रखेगा नजर
उन्होंने कहा कि इस फ्लीट में 70 से 80 की संख्या में न्यूक्लियल पॉवर्ड अटैक सबमरीन्स का दस्ता भी होगा। उन्होंने यह भी कहा कि हमें एक साल में वर्जीनिया क्लास के तीन अटैक सबमरीन का उत्पादन जल्द से जल्द शुरू कर देना चाहिए। हम हमलावर पनडुब्बियों के एक बड़े बेड़े को तैयार करेंगे। उन्होंने कहा कि हमारे पार लॉस एंजिलिस क्लास की पांच से छह पनडुब्बियां पहले से ही है। हम उन्हें और उन्नत बनाएंगे और एसएसएन क्लास की परमाणु अटैक पनडुब्बियों की संख्या पर जोर देंगे।
लाइट एयरक्राफ्ट कैरियर को विकसित करेगा अमेरिका
एस्पर ने कहा कि आने वाले दिनों में हमारे समुद्रों की रखवाली में न्यूक्लियल पॉवर्ड एयरक्राफ्ट कैरियर सबसे अधिक दिखाई देंगे। भविष्य की नई एयर विंग को भी अपनी सीमा और घातकता को बढ़ाने के लिए विकसित होना होगा। जो लाइट एयरक्राफ्ट कैरियर निमित्ज और फोर्ड क्लास की जगह लेंगे उन्हें भी दिन प्रतिदिन की चुनौतियों से जूझना होगा।
इन हथियारों पर अमेरिका की नजर
अमेरिका इसके अलावा, फ्रिगेट, माइंस स्वीपर, पेट्रोल वेसल, ड्रिस्ट्रॉयर जैसे आधुनिक युद्धपोतों को बनाने में ज्यादा से ज्यादा जोर देगी। इस समय अमेरिका को चीन और रूस से सबसे ज्यादा खतरा है। इन दोनों देशों से निपटने के लिए अमेरिका अपनी सेना को आधुनिक बनाने पर जोर दे रहा है। कुछ दिनों पहले ही ऐसी खबरें आई थी कि अमेरिका अपनी सेना को छोटा और प्रभावशाली बनाने के मिशन पर काम कर रहा है।
साउथ चाइना सी में आमने सामने चीन और अमेरिका
साउथ चाइना सी एशिया में तनाव का दूसरा पॉइंट बन गया है। चीन, ताइवान, अमेरिका, इंडोनेशिया, फिलीपींस और वियतनाम की नौसेना इस इलाके में अपना-अपना प्रभुत्व जमाने के लिए लगातार गश्त कर रही हैं। वहीं, चीनी सेना ताइवान को लगातार युद्ध की धमकियां दे रही है। जापान के साथ भी चीन के संबंध लगातार खराब होते दिखाई दे रहे हैं। इन दोनों देशों के साथ अमेरिका की संधि है। ऐसे में अगर चीन कोई हमलावर कार्यवाही करता है तो न चाहते हुए भी अमेरिका को दखल देना पड़ेगा।
-एजेंसियां

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