SEBI का आदेश: निवेशकों के 14, 000 करोड़ रुपये 15% ब्याज के साथ लौटाए सहारा

नई दिल्ली। SEBI ने सहारा इंडिया कमर्शियल कॉरपोरेशन (एसआईसीसीएल), सुब्रत रॉय और कंपनी के अन्य पूर्व निदेशकों से लाखों निवेशकों से जुटाए 14,000 करोड़ रुपये से अधिक की रकम 15 फीसदी वार्षिक ब्याज के साथ वापस करने को कहा है।

भारतीय प्रतिभूति विनिमय बोर्ड (सेबी) ने नियामक मानदंडों का पालन किए बिना वैकल्पिक रूप से पूरी तरह परिवर्तनीय डिबेंचर (ओएफसीडी) के जरिए रकम जुटाने के आरोप में इन पर कार्रवाई की है। इन इकाइयों को चार साल के लिए सिक्योरिटी मार्केट से प्रतिबंधित भी कर दिया है।

SEBI ने पाया कि एसआईसीसीएल ने 1998-2009 के वित्तीय वर्ष में ओएफसीडी का प्रस्ताव देकर 1,98,39, 939 निवेशकों से कम-से-कम 14,106 करोड़ रुपये जुटाए थे। 2011 में सहारा समूह की दो फर्मों सहारा इंडिया रियल एस्टेट कॉरपोरेशन लिमिटेड (एसआईआरईसीएल) और सहारा हाउसिंग इंवेस्टमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (एसएचआईसीएल) को ओएफसीडी प्रस्ताव के जरिए निवेशकों से लिए गए पैसे वापस करने का आदेश भी दिया गया था।

SEBI के पूर्णकालिक सदस्य मधाबी पुरी बुच ने बुधवार को 54 पन्नों के अपने आदेश में कहा कि मेरा मानना है कि एसआईसीसीएल ओएफसीडी प्रस्ताव के जरिए जनता से धन जुटाने की गतिविधियों में लगी है। साथ ही कंपनी एक्ट के प्रावधानों का उल्लंघन भी किया है।

सेबी ने सुब्रत रॉय, ओपी श्रीवास्तव, जेबी रॉय, एएस राव, रनोज दास गुप्ता के साथ तीन दिवंगत कानूनी प्रतिनिधियों डीएस थापा, पीएस मिश्रा और वाईएन सक्सेना को संयुक्त रूप से निवेशकों को रकम लौटाने को कहा है।
-एजेंसी

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