सुरक्षा एजेंसियों का वेस्‍ट यूपी में फिर Search operation

नई दिल्‍ली। एनआईए की गिरफ्त में आए नईम के हथियार सप्लायर साथियों को दबोचने के लिए सुरक्षा एजेंसियों का वेस्‍ट यूपी में Search operation जारी है। बताया जा रहा है कि अब विस्तृत Search operation चलेगा। सूत्रों की मानें तो अवैध हथियार बनाने और सप्लाई करने वाले गांवों में जांच एजेंसियां सर्च ऑपरेशन चलाने की योजना बना रही है।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के रडार पर वेस्ट यूपी के आठ जनपद हैं। आईएसआईएस का पश्चिम के हथियार सप्लायरों से कनेक्शन सामने आने पर अलर्ट है। जांच एजेंसियां इन जिलों के चिह्नित गांवों में किठौर के राधना गांव की तरह Search operation चला सकती हैं।

उधर, राधना गांव में सर्च ऑपरेशन के बाद से वांछित आरिफ और मतलूब के परिजन भी गायब बताए जा रहे हैं। वहीं आज फिर एनआईए की टीम राधना गांव पहुंची है बताया जा रहा है कि आज रात में टीम कई जगह Search operation चलाया जाएगा और कई आरोपियों की तलाश में दबिश दी जाएगी।

अवैध हथियार बनाने के मामले में किठौर का राधना गांव सबसे ऊपर है जहां बिहार, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के अलावा अन्य राज्यों से भी हथियार तस्करी कर लाए जाते हैं। यह भी बताया गया कि राधना के करीब 25 घरों में अवैध हथियारों का काम होता है। पूर्व में जब भी एसटीएफ और क्राइम ब्रांच ने कोई भी गिरफ्तारी की तो यही सामने आया कि यहां के लोग हथियारों को लेकर कोड वर्ड में बात करते हैं।

किठौर के अलावा परीक्षितगढ़ क्षेत्र और सरूरपुर का मैनापूठी गांव भी चर्चा में रहता है। दरअसल राधना निवासी हथियार सप्लायर नईम की गिरफ्तारी के बाद एनआईए और एटीएस की टीमों ने शनिवार को सीआरपीएफ और पीएसी के साथ किठौर इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया था। जांच एजेंसियों को नईम के साथी आरिफ और मतलूब की तलाश थी। राधना के पास एक बाग में छोटे हथियारों की ट्रेनिंग देने की बात सामने आने पर बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉयड के साथ यहां भी सर्च किया गया था।

नईम ने 25 लोगों के नाम बताए

पुलिस का दावा है कि नईम ने अपने गांव राधना के 25 लोगों के नाम बताए हैं जो हथियार सप्लाई करते हैं। उसने यह भी बताया कि राधना के बनाए हुए हथियार वेस्ट यूपी के अलावा दूसरे राज्यों में सप्लाई होते हैं। इन सप्लायरों को किस-किस नेता का संरक्षण मिलता है, यह सारी बातें उसने पूछताछ के दौरान बताई हैं। हर्रा, सरूरपुर, किठौर और राधना के हथियार तस्कर घरों से फरार हैं। इन हथियार तस्करों को पता है कि कभी भी उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है।

अब विस्तृत चलेगा सर्च ऑपरेशन

सूत्रों की मानें तो अवैध हथियार बनाने और सप्लाई करने वाले गांवों में जांच एजेंसियां सर्च ऑपरेशन चलाने की योजना बना रही है। माना जा रहा है कि जांच एजेंसियां किठौर के राधना और उससे मिले कुछ इलाकों के अलावा सरूरपुर के हर्रा खिवाई और सरधना के दो गांवों के अलावा मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली, हापुड़ और बुलंदशहर समेत 8 जिलों के चिह्नित गांवों में सुरक्षा एजेंसियां सर्च ऑपरेशन कभी भी चला सकती हैं।

इसका मुख्य पैमाना यही है कि जो गांव में पूर्व में हथियार बनाने के मामले में बदनाम हैं, वह रडार पर हैं। पुलिस सूत्रों की मानें तो आईएसआईएस एजेंट से जुड़े अमरोहा के सुहेल और राधना के नईम ने रिमांड के दौरान कई राज खोले हैं, जिससे पता चला है कि आईएसआईएस का फोकस हथियार सप्लायर हैं और वह उन गांवों को तलाश रही है जहां पर वेस्ट यूपी में सबसे ज्यादा हथियार बेचे जाते हैं या सप्लाई होते हैं।

एनआईए और एटीएस की टीमों ने शनिवार को आरिफ और मतलूब के घरों पर भी दबिश दी थी। यहां की एक महिला से भी पूछताछ की गई जिसके बाद रविवार को मतलूब के घर पर ताला लटका मिला। अभी तक सिर्फ संदिग्ध ही घरों से फरार थे, अब मतलूब के घर के परिजन भी गायब हो गए हैं।

पुलिस के अनुसार किठौर के राधना गांव का जाल शहर में लिसाड़ीगेट क्षेत्र तक फैला हुआ है। राधना के करीब एक दर्जन युवक लिसाड़ीगेट क्षेत्र में रहते हैं। पूर्व में यहां कई बार एसटीएफ अवैध हथियार बरामद कर चुकी है। पांच साल पहले लिसाड़ीगेट में भारी संख्या में पेन पिस्टल पकड़े जाने के बाद से पता चला था कि राधना के हथियार तस्कर लिसाड़ी गेट में भी फैले हैं।

-एजेंसी

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