चीन में कामयाब डेटिंग के लिए स्‍कूल देता है ट्रेनिंग

क्या आप को डेटिंग के तौर-तरीक़े पता हैं? क्या आप को मालूम है कि प्यार-मोहब्बत की मुलाक़ातों-बातों में आपको हमेशा बेहद संवेदनशील और अपने साथी के जज़्बातों का ख़याल रखने वाला होना है? क्या आप को मालूम है कि कामयाब डेटिंग के लिए आप को अच्छे से डांस करना आना चाहिए?
अगर आपका जवाब ना है, तो इन मुश्किलों का हल है हमारे पास. चलिए आज आप को ले चलते हैं चीन के डेटिंग स्कूल में. जहां लोगों को ट्रेनिंग दी जाती है, कामयाब डेटिंग की.
चीन, आबादी के लिहाज़ से दुनिया का सबसे बड़ा देश है. यहां लड़कों की तादाद लड़कियों के मुक़ाबले ज़्यादा है.
इसकी वजह चीन की वन चाइल्ड पॉलिसी रही, जिसमें लोगों को एक ही बच्चा पैदा करने की इजाज़त थी.
इससे सेक्स रेशियो बिगड़ गया. आज के चीनी युवाओं की मुश्किल ये है कि लड़कियों को डेटिंग के लिए रिझाना, इसके लिए उन्‍हें सख़्त मुक़ाबला करना पड़ रहा है. इसीलिए वहां डेटिंग स्कूल और कोचिंग खुल रहे हैं.
बीजिंग का डेटिंग स्कूल
बीजिंग में एक ऐसा ही स्कूल ‘लव एनर्जी’, इसे चलाते हैं यी कुई उर्फ़ मोका ‘मैजिक कार्ड’.
वो कहते हैं कि डेटिंग एक परफेक्ट डांस की तरह है. कभी आपको साथी को अपनी ओर खींचना होता है, तो कभी उसे दूर धकेलना होता है. इस दौरान उसके प्रति लगातार संवेदनशील होना पड़ता है.
लव कोचिंग का क्रेज़ चीन में बहुत बढ़ रहा है. इसका ऑनलाइन कोर्स करेंगे तो 30 डॉलर प्रति महीने में भी हो जाएगा. और आप क्लास में जाकर लव और डेटिंग के बारे में ख़ुद को बेहतर बनाना चाहते हैं तो आपको महीने में 4500 डॉलर तक ख़र्च करने पड़ सकते हैं.
यी कुई कहते हैं कि उनके ज़्यादातर ग्राहक 23 से 33 बरस की उम्र के बीच के हैं. हालांकि सबसे छोटा युवक 19 बरस का है, तो एक 59 बरस के जवां मर्द भी हैं, जो डेटिंग के हुनर में महारत हासिल कर के लड़कियां पटाना चाहते हैं.
यहां होता है लड़कों का मेकओवर
इन लव कोचिंग सेंटर्स में लड़कों का मेकओवर किया जाता है. उनके सोशल मीडिया प्रोफ़ाइल के लिए अच्छी तस्वीरें खींची जाती हैं. लड़कों को काबे डान नाम की जापानी तकनीक सिखाई जाती है, जिसमें किसी लड़की के पीछे दीवार पर हाथ रखकर उसे इम्प्रेस किया जाता है.
असल में ऐसे लव कोचिंग सेंटरों के फलने-फूलने की बड़ी वजह ये है कि डेटिंग के बाज़ार में अक्सर लड़कों के लिए मुश्किलें ज़्यादा होती हैं. जबकि शादी के बाज़ार को देखें, तो लड़के बेहतर स्थिति में होते हैं.
चीन का बिगड़ा हुआ लिंग अनुपात भी डेटिंग को चुनौती भरा बना रहा है. 2016 में चीन में औरतों के मुक़ाबले क़रीब साढ़े तीन करोड़ ज़्यादा मर्द थे. ये सरकारी आंकड़ा है.
‘मैजिक कार्ड’ कहते हैं कि लड़के अक्सर लड़कियों से बात करने में हिचकते हैं. उन्हें दुत्कारे जाने का डर होता है.
सीधे पूछिए – ‘मुझसे दोस्ती करेंगी’
अंतर्मुखी लड़के तो और भी चुनौतियों का सामना करते हैं. वो लड़कियों से प्यार की बातें करने से डरते हैं. इस चुनौती से निपटने के लिए उन्हें सही ट्रेनिंग की ज़रूरत होती है.
‘मैजिक कार्ड’ के मुताबिक़ लड़कियों से दोस्ती के ख़्वाहिशमंद लड़कों को इधर-उधर की बातें करने के बजाय सीधे पूछना चाहिए कि मुझसे दोस्ती करोगी?
इस कोर्स के बारे में और विस्तार से पूछने पर उनका कहना है कि लव और डेटिंग के स्कूल और कोचिंग का कारोबार करना इतना आसान नहीं है.
काफ़ी कर्मचारियों की ज़रूरत होती है. पैसा लगता है. उनके लिए दफ़्तर और दूसरी सुविधाओं का इंतज़ाम करना पड़ता है.
इसके मुक़ाबले ऑनलाइन कोर्स की डिमांड भी ज़्यादा है और ये धंधा भी आसान है. वर्चुअल डेटिंग कोर्स तैयार करने में ख़र्च कम आता है. और आप कुछ ऑडियो-वीडियो क्लासेज़ तैयार कर लें, तो फिर बस मार्केटिंग का काम बचता है.
बहरहाल, चीन के ऐसे कोचिंग सेंटर की कामयाबी से हिंदुस्तान में स्टार्ट अप की इच्छा रखने वाले भी सबक़ ले सकते हैं.
-BBC

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