SC ने Karti Chidambaram को दी विदेश जाने की सशर्त अनुमति, कहा- 10 करोड़ जमा कराएं

नई दिल्‍ली। उच्चतम न्यायालय ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम के बेटे Karti Chidambaram को न्यायालय की रजिस्ट्री में 10 करोड़ रुपए जमा कराने की शर्त पर विदेश जाने की बुधवार को अनुमति प्रदान की। साथ ही न्यायालय ने Karti Chidambaram को  ‘‘कानून के साथ खिलवाड़ नहीं करने’’ की चेतावनी देते हुये आईएनएक्स और एयरसेल मैक्सिस मामलों की जांच में सहयोग करने की हिदायत दी।
Karti Chidambaram अपनी कंपनी के काम से फ्रांस और UK जाना चाह रहे हैं। जांच की वजह से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) उनके विदेश जाने का विरोध कर रहा है।

कार्ति चिदंबरम अपनी कंपनी के काम से फ्रांस और UK जाना चाह रहे हैं। जांच की वजह से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) उनके विदेश जाने का विरोध कर रहा है। 28 जनवरी को भी सुप्रीम कोर्ट ने कार्ति की अर्जी पर सुनवाई की थी। ईडी के विरोध पर सुप्रीम कोर्ट ने पूछा था कि आप वह उस तारीख के बारे में बताएं जिस दिन जांच एजेंसी कार्ति से पूछताछ करना चाहता है।

ED ने कहा था, ”कोर्ट से मिलने वाली छूट का कार्ति फायदा उठाते हैं। उनके बार-बार विदेश जाने से INX मीडिया और एयरसेल मैक्सिस केस की जांच पर असर पड़ रहा है। दोनों मामलों में उनसे पूछताछ होनी है।”

Karti Chidambaram पर आईएनएक्स मीडिया को 2007 में एफआईपीबी से मंजूरी दिलाने के लिए कथित रूप से रिश्वत लेने के आरोप है. साल 2007 के दौरान कार्ति के पिता पी. चिदंबरम संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार में वित्त मंत्री थे। ईडी इस मामले में जांच कर रहा है।

घोटाले के आरोपों में फंसे पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम को विदेश जाने की सशर्त अनुमति मिल गई है। सुप्रीम कोर्ट ने आज दो शर्तों के साथ उन्हें विदेश जाने की अनुमति दी। शीर्ष अदालत ने कार्ति से कहा कि सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री में 10 करोड़ रुपए जमा करवाएं।

सुप्रीम कोर्ट ने कार्ति से कानून के साथ खिलवाड़ नहीं करने और एयरसेल मैक्सिस, आईएनएक्स मामलों में पूछताछ के लिए 5,6,7 और 12 मार्च को ईडी के समक्ष पेश होने को कहा। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने आगाह करते हुए कहा, ”आप जहां जाना चाहते हैं जाएं। आप जो चाहें कर सकते हैं, लेकिन कानून से खिलवाड़ नहीं करें। अगर ऐसा किया गया तो इसके गंभीर परिणाम होंगे।”

पीठ ने कहा, ‘‘कृपया अपने मुवक्किल से कहें कि उन्हें सहयोग करना होगा। आपने सहयोग नहीं किया है। हम बहुत कुछ कहना चाहते हैं। हम उन्हें अभी नहीं कह रहे हैं।’’ शीर्ष अदालत ने सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय से वह तारीख बताने के लिए कहा था जिस दिन वह कार्ति से पूछताछ करना चाहता है।

पीठ ने शीर्ष अदालत के रजिस्ट्रार जनरल के यहां कार्ति को 10 करोड़ रुपए जमा कराने के साथ ही लिखित में यह आश्वासन देने का निर्देश दिया कि वह वापस आएंगे और जांच में सहयोग करेंगे। कार्ति ने 10 से 26 फरवरी और फिर 23 से 31 मार्च के बीच विदेश जाने की अनुमति मांगी थी।

पीठ कार्ति की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उन्होंने ‘टोटस टेनिस लिमिटेड’ कंपनी द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय टेनिस टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के लिए फ्रांस, स्पेन, जर्मनी और ब्रिटेन की यात्रा करने की अनुमति मांगी थी। ‘टोटस टेनिस लिमिटेड’ का कार्यालय ब्रिटेन में पंजीकृत है।

याचिका के इस अनुरोध का प्रवर्तन निदेशालय ने विरोध किया है। याचिका के अनुसार, कार्ति पूर्व खिलाड़ी और वर्तमान प्रशासक के रूप में इससे संबद्ध हैं।

 

– एजेंसी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »