Saurashtra के 200 ट्रैवल एजेंट ने कहा- पांच साल तक कश्मीर का कोई टूर नहीं

सौराष्ट्र। पुलवामा में सीआरपीएफ (केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल) पर हुए आतंकी हमले के बाद से Saurashtra के दो सौ ट्रैवल एजेंट्स ने पांच साल तक कश्मीर टूर की एक भी टिकट बुक न करने का फैसला लिया है। सौराष्ट्र ट्रैवल एजेंट एसोसिएशन के सेक्रेटरी अभिनव पटेल ने अमर उजाला के साथ बातचीत में कहा कि देशहित को लेकर यह फैसला लिया गया है। पटेल ने कहा कि जब तक आतंकी हमले बंद नहीं होते, तब तक कश्मीर का एक भी टूर नहीं होगा।
पटेल का कहना है कि इस निर्णय से व्यापार पर करीब तीन सौ करोड़ रुपये की चोट पहुंचेगी, लेकिन देश की सुरक्षा के आगे यह घाटा कुछ भी मायने नहीं रखता। Saurashtra ट्रैवल एजेंट्स ने कश्मीर टूर पर रोक तो लगाई ही है अपने पैकेज से कश्मीर शब्द ही हटा दिया है। इसके साथ ही निर्णय लिया गया है कि यदि किसी पैकेज में कश्मीर का टिकट फ्री हो तो उसे भी अस्वीकार कर दिया जाएगा।

कश्मीरी ट्रैवल एजेंट्स के हाथ-पांव फूले
सौराष्ट्र के ट्रैवल एजेंट्स के इस निर्णय के बाद से कश्मीरी ट्रैवल एजेंट्स की सांसें हलक में अटक गई हैं। पटेल ने बताया कि कश्मीरी ट्रैवल एजेंट्स ने ऐसा न करने की गुहार लगाई है। इसके साथ ही एजेंट्स को कई तरह के लालच देने के साथ पर्यटकों की सुरक्षा की गारंटी भी दी, लेकिन सौराष्ट्र के एजेंट्स ने उनकी इस गुहार को पूरी तरह से नकार दिया है।

240 एजेंट्स ने किया फैसले का समर्थन

कश्मीर टूर रोकने के फैसले का सौराष्ट्र के 170 और रेलवे के 70 एजेंट्स ने अपना समर्थन दिया है। बता दें कि सौराष्ट्र में लोग गर्मी की छुट्टियों में केरल, कश्मीर, कुल्लू-मनाली, शिमला समेत कई हिल स्टेशन जाते हैं। पटेल ने बताया कि हर महीने 80 से 100 पर्यटक कश्मीर व वैष्णो देवी के टूर पर जाते थे। अब इस पर रोक लगाने से व्यापार पर भी काफी प्रभाव पड़ेगा। इस बाबत पटेल ने अमर उजाला से कहा कि आर्थिक फायदा देश के सामने कोई महत्व नहीं रखता।

सौराष्ट्र ट्रैवल एजेंट्स एसोसिएशन के सेक्रेटरी अभिनव पटेल ने कहा
Saurashtra ट्रैवल एजेंट्स एसोसिएशन के सेक्रेटरी अभिनव पटेल ने कहा कि इस देश के एक-एक जवान की जिंदगी अमूल्य है। उनसे देश का भविष्य उज्जवल है। हम पर जब भी मुसीबत आएगी, देश का सैनिक हमारे साथ होगा। आज समय है कि हम सैनिकों के साथ खड़े हों। जब तक आतंकी हमले बंद नहीं होते, तब तक एक भी टूर कश्मीर का नहीं होगा। इस तरह का निर्णय भी एक तरह की देशभक्ति ही है।

2018 में कश्मीर पहुंचे थे 9 लाख पर्यटक

बता दें कि पिछले साल यानी 2018 में जम्मू-कश्मीर की हसीन वादियों का लुत्फ उठाने करीब नौ लाख पर्यटक पहुंचे थे। इनमें 8.5 लाख घरेलू पर्यटक थे और 50 हजार विदेशी पर्यटक थे। अब सौराष्ट्र के ट्रैवल एजेंट्स के इस फैसले पर यहां के पर्यटन पर असर पड़ना तय है। अकेले सौराष्ट्र से ही 1200 से ज्यादा पर्यटक कश्मीर टूर की बुकिंग करते थे।

-एजेंसी

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