गांधी जयंती पर होगा आगरा सिविल सोसायटी का Satyagraha

आम नागरिक के हक में उपयोग कर रहे बापू का अस्‍त्र  Satyagraha

आगरा। गांधी जयंती पर आगरा सिविल सोसायटी ताजसिटी की एयर कनैक्‍टिविटी को महानगर की पर्यटन प्रधानता के अनुरूप करने के लिये सत्‍याग्रह करेगी।
सोसायटी के जनरल सैकेट्री अनिल शर्मा के अनुसार इस सत्‍याग्रह को लेकर लोगों में जो संशय थे उन्‍हें दूर कर दिया गया है। उन्‍होंने बताया कि एयर कनैक्‍टिविटी पर्यटक या धन संपन्‍नों के लिये ही नहीं अब आम आदमी की जरूरत है। सभी प्रमुख रूटों पर जहां एक ओर निहायत जरूरी होने पर भी रेलवे के रिजर्वेशन नहीं मिलते वहीं दूसरी ओर कई कई दिन की रेल यात्राओं के लिये छुट्टियां नहीं मिल पाती हैं।

आगरा की एयर कनैक्‍टिविटी को जरूरत के अनुरूप बनाये जाने के लिये होगा Satyagraha

स्‍टूडेंट या फिर छोटी छोटी तनख्‍वाहों पर नौकरी करने वालों के लिये मुकिलें बढ़ी हैं। दक्षिण भारत सहित देश के सुदूर क्षेत्रों में नौकरी करने वालों को तो इससे मानसिक द्वन्‍द की स्‍थिति तक से गुजरना पड़ता है। परिवार के सुख दुख के मौकों तक पर इन लोगों को छुट्टियां न मिल पाने के कारण मन मसोस के रह जाने को मजबूर होते हैं।

श्री शर्मा ने कहा कि सिविल सोसायटी आगरा का एयर कनैक्‍टिविटी की मांग को लेकर आगे आना कोई महज संयोग नहीं है। जब यह स्‍पष्‍ट हो गया कि आगरा के राजनीतिज्ञों में से अधिकांश विधायिका में आगरा की बात सशक्‍त तरीके से उठाये जाने में जनअपेक्षाओं को पूरा नहीं कर पा रहे हैं तो सोसायटी ने तय किया कि एयर कनैक्‍टिविटी का मामला केवल राजनीतिज्ञों के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता है। यह एक आमआदमी की जरूरत से जुड़ा मुद्दा है और हम इसके लिये सरकार से संवाद के सबसे सहज व परखे सशक्‍त माध्‍यम जिसे कि अक्‍सर गांधीवादी अहिंसक हथियार भी कहा जाता है उसे अपनाते हुए सत्‍याग्रह करेंगे।

जब सिविल सोसायटी ने एयर कनैक्‍टिविटी के लिये सत्‍याग्रह करने की बात शुरू की तो कुछ महानुभावों ने तर्क दिया कि गांधी जी तो कभी हवाई जहाज में बैठे ही नहीं थे फिर आप क्‍यों सत्‍याग्रह का उपयोग एयर कनैक्‍टिविटी के लिये कर रहे हैं। इस पर सिविल सोसायटी का कहना है कि गांधीजी ने देश के आम आदमी की बात कहने और सत्‍य का अहसास संबंधितों को करवाने के लिये हमेशा सत्‍यागह का सहारा लिया और अब यही गांधीवाद के तमाम आधारों में से एक है। सिविल सोसायटी भी गांधीवादी सिद्धांतों का आदर करती है और सरकार भी गांधीजी के बताये गये रास्‍ते को ही उपयुक्त मानती है तथा ‘गांधीवादी ऐनक’ से गहन समस्‍याओं को देखना शुरू कर चुकी है। इसी लिये सत्‍याग्रह सबसे उपयुक्‍त माध्‍यम लगा।

संगठनों का समर्थन जुटाने को कवायद
सिविल सोसायटी इस सत्‍याग्रह के लिये होटल के एस रॉयल में एक खुली बैठक कर अपने सदस्‍यों व समर्थक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आम सहमति ले चुकी है, हकीकत में इसी के बाद ही सोसायटी ने अपनी सत्‍याग्रह संबंधी गतिविधियों को बढाया। कई संगठनों का समर्थन प्राप्‍त करने के बाद आगरा के प्रमुख संगठन उप्र चैम्‍बर आफ कामर्स एंड इंडस्‍ट्रीज का भी समर्थन हासिल करने के लिये प्रयास किया जा रहा है। आपसा (शिक्षण संस्थाओं के प्रबंधकों का संगठन) और होटल और रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने अपना सम्पूर्ण समर्थन दिया है। वैसे इन संगठनों ने भी समय समय पर अपने स्‍तर से तो ‘आगरा की एयर कनैक्‍टिविटी’ में जरूरत के अनुसार सुधार की बात तो करते ही रहे हैं।

2 अक्‍टूबर का कार्यक्रम अंतिम तौर पर तय है, मार्च 2 अक्टूबर को सुबह ९ बजे से आगरा कॉलेज मैदान के सामने भगत सिंह छात्रावास से शुरू हो कर शहीद स्मारक पर समाप्त होगी।

डॉ शिल्पा दीक्षित शर्मा ने कहा कि मार्च शांति पूर्ण और उद्देश्‍यपरक होना चाहिए। श्री भोले ने कहा के हमारा लक्ष्य तो इंटरनेशनल एयरपोर्ट है पर फिलहाल एन्क्लेव ही सही। श्री यूसी वर्मा ने कहा कि जुलूस शांतिपूर्ण और आम सहमति के साथ निकलेगा। डॉ ब्रजेश चंद्रजी ने कहा कि सहमति एवम सहयोग हमारा अभीष्‍ट है। डॉ मधु भरद्वाज ने कहा कि पहचान तो सभी संभागी गुटों की हो पर राजनीति से दूर रहें तो अच्छा है।

कांग्रेस के उपाध्यक्ष ने कहा कि गाँधी जयंती पर सत्याग्रही जत्‍था भगत सिंह छात्रावास पर पहुँच कर जलूस में सहभागी होगा। श्रीमती शोभना खंडेलवाल ने कहा कि राजनीतिक पहचान अपनी जगह है, फिलहाल वह सत्याग्रही हैं और एयरपोर्ट का आगरा से जुदा मुद्दा है।

यू सी वर्मा, निहाल सिंह भोले, पुष्पेन्द्र चौधरी, राजन किशोरे, डॉ शिल्पा दीक्षित शर्मा, डॉ विजय लक्ष्मी शर्मा, प्रोफेसर ब्रजेश चंद्र, शाहिद खान, सौरव, दीवान सिंह मुखिया, उपेन्द्र सिंह, असलम सलीमी, डॉ शिरोमणि सिंह, नरेश चन्द्र, संजीव मिश्रा, ब्रिज किशोरे शर्मा, ओम सेठ, राकेश चौहान, राकेश चाहर, डॉ अरुणा गुप्‍ता, डॉ वेद भरद्वाज, भुवनेश श्रोतिय ने भाग लिया।

 

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