Satna की दुष्कर्म पीड़िता बच्‍ची का एम्‍स में होगा इलाज, आज एयर एम्बुलेंस से दिल्‍ली पहुंचेगी

सतना। मंदसौर के बाद रविवार रात को Satna जिले में हैवानियत का शिकार हुई चार साल की बच्ची को बेहतर इलाज के लिए दिल्ली के एम्स में ले जाया जाएगा। मासूम को शिफ्ट करने के लिए एयर एंबुलेंस की सेवा ली जाएगी। आज शाम 4 बजे एयर एम्बुलेंस पीड़िता को लेकर दिल्ली रवाना हो जाएगी। इस मामले पर प्रदेश सरकार ने कहा है कि बच्ची के इलाज को लेकर किसी प्रकार का कोई समझौता नहीं किया जाएगा। साथ ही सीएम शिवराज सिंह ने सीजेआई को खत लिखकर दुष्कर्म के मामलों में फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की अपील की है।

गौरतलब है कि रविवार रात को Satna जिले के परसमनिया गांव में रविवार रात 25 साल के युवक ने चार साल की बच्ची को अगवा कर उसके साथ दुष्कर्म किया। महेन्द्रराज गोंड़ नाम का यह आरोपी पीड़िता को मरणासन्न हालत में जंगल में छोड़कर भाग गया। वह शराब के नशे में धुत था। ग्रामीणों ने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया है। बच्ची का जबलपुर मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा था। अब मासूम को इलाज के लिए एयर एंबुलेंस से दिल्ली एम्स ले जाया जाएगा। उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।

वहीं इस मामले में बच्ची का इलाज कर रही डॉक्टरों की टीम का कहना है कि उसकी हालत में काफी सुधार हुआ है और अब वह खतरे के बाहर है साथ ही उसकी हालत भी स्थिर बनी हुई है। मासूम को बेहतर इलाज के लिए एम्स भेजा जा रहा है।

इससे पहले मासूम की हालत का जायजा लेने के लिए कलेक्टर मुकेश शुक्ला और एसडीएम बलबीर रमन अस्पताल पहुंचे और बच्ची की तबीयत के संबंध में डॉक्टरों से बात की। अस्पताल में कलेक्टर ने पत्रकारों को बताया कि जबलपुर मेडिकल कॉलेज से दो विशेषज्ञ चिकित्सक की टीम कुछ देर बाद जिला अस्पताल पहुंचने वाली है। उनके द्वारा मासूम का इलाज किया जाएगा।

वहीं Satna- रीवा रेंज के डीआईजी अविनाश शर्मा भी सतना पहुंचने वाले हैं। वह जिला अस्पताल में पीड़ित परिवार से मिलकर पुलिस अधिकारियों से कार्यवाई के बारे में जानकारी लेंगे।

पुलिस ने बताया कि उचेहरा थाना क्षेत्र के आदिवासी बाहुल्य परसमनिया गांव में रविवार रात 10 बजे के करीब महेन्द्रराज गोंड बच्ची के घर पहुंचा। वह शराब के नशे में धुत था। चार साल की बालिका उस वक्त घर के आंगन में अपने पिता के साथ सो रही थी।

मां के साथ बगल के कमरे में साेई थी छोटी बहन जबकि उसकी डेढ़ साल की छोटी बहन अपनी मां के साथ दूसरे कमरे में थी। आरोपी थोड़ी देर तक पिता के साथ बातचीत करता रहा और फिर लौट गया। बताया गया है कि रात लगभग 11:30 बजे पिता शौच के लिए बाहर गया और जब वो आधे घंटे बाद लौट कर आया तो उसकी बड़ी बेटी बिस्तर पर नहीं थी। घर में तमाम तलाश के बाद भी जब बालिका का पता नहीं चला तो पिता ने अपने चचेरे बड़े भाई और अन्य परिजनों को घटना की जानकारी दी।

जंगल में मिली लहूलुहान
रहस्यमयी अंदाज में घर से लापता मासूम बेटी की तलाश में ग्रामीणों ने परसमनिया गांव के चप्पे-चप्पे पर उसकी तलाश की। सोमवार की सुबह तकरीबन तीन बजे बच्ची लहूलुहान हालत में गांव से डेढ़ किलोमीटर दूर जंगल की झाड़यों में मिली। ग्रामीण मरणासन्न हालत में बच्ची लेकर उचेहरा थाने पहुंचे।

उधर, लामबंद ग्रामीणों ने शक के आधार पर जब आरोपी महेन्द्रराज गोंड़ के घर पर दबिश दी तो उसने भागने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीणों ने उसे घेरकर पकड़ लिया। जमकर पिटाई की और पुलिस के हवाले कर दिया। Satna के उचेहरा थाने में आरोपी के खिलाफ अपहरण और ज्यादती का केस दर्ज कर लिया है।

-Legend News

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