सरदार सरोवर बांध देश को समर्पित करके पीएम बोले, मुठ्ठीभर लोगों ने ही नहीं दिलाई आजादी

दभोई (गुजरात)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सरदार सरोवर बांध देश को समर्पित करते हुए कहा कि कुछ लोगों को लगता है कि कुछ मुट्ठीभर लोगों ने ही देश की आजादी के लिए बलिदान दिया है, लेकिन आदिवासियों के बलिदान को भुला दिया गया है।
पीएम ने कहा कि आजादी में आदिवासियों और भुला दिए गए योद्धाओं के योगदान को रेखांकित करने के लिए पूरे देश में म्यूजियम बनना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘गुजरात में एक ऐसे ही म्यूजियम को शिलान्यास करने का अवसर मुझे आज मिला है। आदिवासियों ने सरदार सरोवर बांध के लिए अपनी जमीनें दीं, अपने हित त्यागे, उन सभी को मेरा नमन है।’
उन्होंने कहा, ‘आदिवासी जनता का धन्यवाद, सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय के सिद्धांत के तहत अगर उन्हें कुछ छोड़ना पड़ा तो छोड़ दिया। जिनके त्याग के कारण आज भारत मां नर्मदा के जल से पुष्पित होने जा रही है।’
पीएम ने इस अवसर पर स्वतंत्रता आंदोलन में बलिदान देने वाले आदिवासियों को भी याद किया।
रविवार को नर्मदा महोत्सव समापन समारोह के मौके पर सरदार सरोवर बांध को इंजिनियरिंग का अनूठा नमूना बनाते हुए इसे देश के लिए बड़ा सौगात बताया। पीएम ने कहा कि विश्वकर्मा जयंती के दिन इस डैम को देश को समर्पित करना डैम का निर्माण करने वालों का स्मरण भी है। पीएम ने साथ ही कहा कि अगर सरदार बल्लभ भाई पटेल और भीमराव आंबेडकर कुछ दिन और जीवित रहते तो यह बांध 70-80 के दशक में ही बनकर तैयार हो जाता। उन्होंने कहा कि इस बांध के निर्माण में अडंगा लगाने के लिए कई साजिशें रची गईं, लेकिन फिर भी हम इसे पूरा करने में सफल रहे।
बांध निर्माण रोकने को हुए बड़े षड्यंत्र
पीएम ने कहा कि सरदार सरोवर बांध का निर्माण रोकने के लिए बड़े-बड़े षडयंत्र हुए हैं। दुनिया की कोई ऐसी ताकत नहीं थी जिसने इसमें रुकावटें पैदा नहीं की हों। विश्व बैंक ने इस डैम के लिए पैसा नहीं दिया। अफवाह फैलाने वालों ने खूब झूठ फैलाया। यह डैम एक करिश्मा है। कई बार अनाप-शनाप आरोप लगाए गए। हमने इसे राजनीतिक विवाद का विषय नहीं बनने दिया। यह योजना 21वीं सदी के पीढ़ी का भाग्य का निर्माण करने वाला है। बड़ी मुसीबतें आईं, मेरे पास सबका कच्चा चिट्ठा है लेकिन मुझे इस पर राजनीति नहीं करनी है। गुजरात के संतों ने इसके लिए लड़ाई लड़ी। गुजरात के मंदिरों से भी डैम बनाने के लिए पैसे आए। यह किसी दल या सरकार का कार्यक्रम नहीं है। पानी के तरसते लोगों के लिए संकल्प का कार्यक्रम है।’
-एजेंसी