Sanskriti University देगा कौशलपरक शिक्षा पर जोरः कुलाधिपति सचिन गुप्ता

Sanskriti University में नए शिक्षा सत्र का आगाज आज से

मथुरा। जनपद मथुरा में शिक्षा के नए प्रतिमान स्थापित कर रहे Sanskriti University में चार जनवरी से नए शिक्षा सत्र का श्रीगणेश होने जा रहा है। संस्कृति विश्वविद्यालय के नए शिक्षा सत्र में छात्र-छात्राओं के लिए बहुत कुछ नया होगा। नए साल में ब्रज के छात्र-छात्राओं को जहां संस्कृति विश्वविद्यालय में एमएसएमई के साथ स्थापित सेण्टर आफ एक्सीलेंस से कौशलपरक शिक्षा हासिल होगी वहीं संस्थान पांच गांवों को गोद लेकर वहां साफ-सफाई के प्रबंध करेगा।

नए शिक्षा सत्र पर अपने विचार व्यक्त करते हुए Sanskriti University के कुलाधिपति सचिन गुप्ता ने कहा कि ज्ञान एक ऐसी शक्ति है जिसके द्वारा देश का समुन्नत विकास किया जा सकता है। ज्ञान-विज्ञान, तकनीक और इंजीनयरिंग के आविर्भाव का लाभ देश की युवा पीढ़ी को मिले और वह नौकरी के पीछे भागने की बजाय अपने पैरों पर खड़ी हो इसीलिए संस्कृति विश्वविद्यालय में एमएसएमई के साथ सेण्टर आफ एक्सीलेंस की स्थापना की गई है। श्री गुप्ता ने कहा कि अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, चीन, जापान, आस्ट्रेलिया और सिंगापुर जैसे देश यदि इंजीनयरिंग से अपनी अर्थव्यवस्था को चार चांद लगा सकते हैं तो भारत क्यों नहीं।

Sanskriti University इंजीनियरिंग और उच्च शिक्षा के पुराने पाठ्यक्रम में आमूलचूल परिवर्तन कर युवाओं को ऐसी शिक्षा प्रदान करने की कोशिश कर रहा है ताकि हर युवा स्वावलम्बी बने। श्री गुप्ता का कहना है कि जिस तरह एक चिकित्सा महाविद्यालय के साथ विद्यार्थियों के प्रायोगिक परीक्षण के लिए एक अस्पताल का होना जरूरी है उसी प्रकार किसी प्रबंधन संस्थान के आसपास उद्योगों और कार्पोरेट क्षेत्र का होना बहुत जरूरी है। संस्कृति विश्वविद्यालय का प्रयास है कि यहां का हर छात्र औद्योगिक मांग के अनुरूप नवीनतम तकनीकी ज्ञान हासिल कर देश के विकास में अपना अमूल्य योगदान दे।

संस्थान के उपकुलाधिपति राजेश गुप्ता का कहना है कि 2018 में संस्कृति विश्वविद्यालय में प्रभावी शोध एवं अनुसंधान पर विशेष ध्यान दिया जाएगा ताकि यहां के हर छात्र के हाथ में डिग्री ही नहीं जाब लेटर भी हो।

संस्कृति विश्वविद्यालय ज्ञान, सृजनात्मकता, परिश्रम और प्रसार के आधार पर छात्र-छात्राओं की मेधा को निखारने का पक्षधर है ताकि वह प्रदेश और देश के विकास में अपना योगदान दे सके।

नए शिक्षा सत्र में स्वच्छ और स्वस्थ भारत के सपने को साकार करने के लिए संस्कृति विश्वविद्यालय में नियमित योग के साथ ही कुछ राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।

श्री गुप्ता का कहना है कि Sanskriti University इस साल पांच गांवों को गोद लेकर ग्रामीणों को स्वच्छता का संदेश देने के साथ ही उनकी साफ-सफाई का प्रबंध करेगा।