संस्कृति विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने किया MSME का शैक्षणिक भ्रमण

संस्कृति विश्वविद्यालय के डिप्लोमा इंजीनियरिंग के छात्रों ने MSME आगरा में हासिल किया प्रयोगात्मक ज्ञान

मथुरा। तकनीकी छात्रों के लिए अध्ययन अध्यापन के साथ ही औद्योगिक शैक्षणिक भ्रमण और प्रयोगात्मक ज्ञान नितांत आवश्यक है, इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए संस्कृति विश्वविद्यालय के डिप्लोमा इंजीनियरिंग मैकेनिकल और प्रोडक्शन के 26 छात्रों ने आगरा के सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यम (MSME) सेण्टर का शैक्षणिक भ्रमण कर वहां आधुनिकतम तकनीकी मशीनों की विस्तृत जानकारी हासिल करने के साथ ही उनके संचालन के तौर-तरीके भी सीखे।

संस्कृति यूनिवर्सिटी में संचालित सेण्टर आफ एक्सीलेंस में अध्ययन-अध्यापन के साथ प्रशिक्षण हासिल कर रहे डिप्लोमा इंजीनियरिंग मैकेनिकल और प्रोडक्शन के 26 छात्रों ने प्रो. (डा.) संजीव गौड़, असिस्टेंट प्रो. धर्मेन्द्र सिंह, असिस्टेंट प्रो. अजय अग्रवाल, असिस्टेंट प्रो. राहुल प्रजापति के नेतृत्व में आगरा के सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यम (एम.एस.एम.ई.) सेण्टर का शैक्षणिक भ्रमण किया। इस अवसर पर सेण्टर के विशेषज्ञों ने छात्रों को बताया कि हमारा देश तकनीकी क्षेत्र में लगातार उन्नति कर रहा है, ऐसे में युवा पीढ़ी के लिए कौशलपरक शिक्षा निहायत जरूरी है। विशेषज्ञों ने बताया कि मानव विकास के क्रम में सीएनसी मशीन और रोबोटिक्स की कार्यप्रणाली एक महत्वपूर्ण अध्याय है। यह अध्याय कई और नए रोचक अध्यायों को जन्म देगा। रोबोट को बनाने के लिए उसमें विभिन्न प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक पुर्जों का उपयोग किया जाता है। प्रकाश के सेंसर जहां आंखों का काम करते हैं वहीं स्पर्श और दबाव के सेंसर हाथों का काम करते हैं, रासायनिक सेंसर नाक तथा ध्वनि के सेंसर कान का काम करते हैं। विशेषज्ञों ने छात्रों को बताया कि रोबोट में कम्‍प्यूटर प्रोग्राम के माध्यम से उतनी ही सूचनाएं और बुद्धिमत्ता भरी जा सकती है, जितनी किसी कार्य विशेष के लिए आवश्यक है। हमारे भविष्य के अधिकांश अनुसंधान अब पूरी तरह सीएनसी मशीन और रोबोटिक तकनीक पर ही आधारित होंगे। इस अवसर पर तकनीकी विशेषज्ञों ने छात्रों को आधुनिक तकनीकी मशीनों का अवलोकन कराने के साथ ही उनके संचालन की भी विस्तार से जानकारी दी।

विभागाध्यक्ष मैकेनिकल इंजीनियरिंग विसेंट बालू का कहना है कि संस्कृति यूनिवर्सिटी के छात्रों ने अपने शैक्षणिक भ्रमण में आधुनिकतम मशीनों, विभिन्न टूल्स और उनके कामकाज की विस्तार से जानकारी हासिल की। कम्पनी के तकनीकी विशेषज्ञों ने छात्रों को बताया कि नवीनतम तकनीकी प्रयोग को अमल में लाकर विद्यार्थी अपने प्रोजेक्ट्स पूरे करने के साथ ही अपनी प्रोग्रामिंग दक्षता में और अधिक प्रवीणता ला सकते हैं। इस अवसर पर छात्रों ने विभिन्न प्रकार के प्रश्न भी पूछे जिनका तकनीकी विशेषज्ञों ने समाधान किया।

उप-कुलाधिपति राजेश गुप्ता ने अपने संदेश में कहा कि शैक्षिक भ्रमण एवं देशाटन से वास्तविक तथ्यों का सच्चा ज्ञान प्राप्त होता है। इससे छात्रों के अनुभव में अभिवृद्धि होती है। शैक्षिक भ्रमण का मुख्य उद्देश्य औद्योगिक क्षेत्रों का सूक्ष्म निरीक्षण कर उसके तकनीकी तथ्यों से रू-ब-रू होना होता है। संस्कृति विश्वविद्यालय द्वारा छात्रों को नियमित शैक्षिक भ्रमण पर भेजने का मकसद उनमें एक नई अनुभूति जागृत करना है। इससे छात्रों में समूह में रहने की प्रवृत्ति तो बढ़ती ही है, साथ ही उनकी क्षमता तथा आत्मविश्वास में भी वृद्धि होती है।

MSME के औद्योगिक भ्रमण से लौटने के पश्चात कुलपति डा. राणा सिंह ने छात्रों से कहा कि शैक्षणिक भ्रमण में आप लोगों ने जो कुछ सीखा है उसका निरंतर अभ्यास भी करें ताकि भूलने की गुंजाइश न रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »