संस्कृति के छात्रों ने बनाया आटोनॉमस रोबोट

मथुरा। नए अविष्कारों की दिशा में संस्कृति विश्वविद्यालय के छात्रों ने लगातार प्रयासों के बाद एक ऑटोनॉमस रोबोट का निर्माण कर दिखाया है। विश्वविद्यालय की वर्कशाप में पूरी तरह से विकसित किया गया यह रोबोट आगंतुकों का स्वागत करने और उनके शारीरिक तापमान को बताने के अलावा अन्य बहुत से काम करने में समर्थ है।

संस्कृति स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग के मैकेनिकल विभाग के बी.टेक. के छात्रों ने विभाग की संकाय सदस्य शिखा पाराशर के मार्गदर्शन में इस रोबोट का निर्माण किया है। शिखा पाराशर ने बताया कि रोबोट मैकेनिकल विभाग की वर्कशॉप में ही पूरी तरह से बनाया और विकसित किया गया है। यह रोबोट आगंतुकों का सिर हिलाकर अभिवादन करने, हाथ मिलाने में पूरी तरह समर्थ है। इसके अतिरिक्त मिलने वाले के शारीरिक तापमान, पर्यावरण से नमूनों को एकत्र करने, आडियो प्लेबैक के माध्यम से गति का पता लगाने, एलसीडी पैनल पर तापमान, आर्द्रता और हानिकारक गैसों पता लगाने और बताने में समर्थ है। इतना ही नहीं गैस के रिसाव को पता लगाकर अलार्म के माध्यम से चेतावनी देने का भी काम कर सकता है।

बी.टेक. मैकेनिकल के छात्र अंश मिश्रा, आकाश कुमार, आशीष यादव, गोविंद सिंह और योगेश गौतम ने लगातार परिश्रम कर इस रोबोट को तैयार किया है। अपने ज्ञान और कौशल से छात्रों ने पूर्ण समर्पण के साथ इसको बनाकर इंजीनिरिंग के कमाल का प्रदर्शन किया है।

विश्वविद्यालय के कुलाधिपति सचिन गुप्ता ने रोबोट का निरीक्षण कर छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि आप लोगों का छोटा सा काम भी देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा। आप जुटे रहिए एक दिन ऐसा आएगा कि भारत के युवा नई तकनीकियों को जन्म देंगे, जिससे देश को विश्व स्तर पर पहचान मिलेगी।

इस मौके पर छात्र अंश मिश्रा, आकाश कुमार के अतिरिक्त विवि की विशेष कार्याधिकारी श्रीमती मीनाक्षी शर्मा, स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग के डीन सुरेश कासवान, विभागाध्यक्ष सेमी विंसेंट बालू, संकाय सदस्य शिवम अग्रवाल भी मौजूद रहे।

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