संस्कृति विश्वविद्यालय के students ने किया रक्तदान

संस्कृति विश्वविद्यालय के उप-कुलाधिपति सचिन गुप्ता ने कहा कि students साल में दो बार अवश्य करें रक्तदान

मथुरा। आज के समय में रक्तदान के जरिये दूसरे लोगों को जीवन दान देना ही सबसे बड़ा दान है, लिहाजा स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ावा देने के लिए इस प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन निरंतर होते रहना चाहिए। रक्तदान शिविर लगाकर हम लोगों की सदियों से चली आ रही भ्रांतियों को दूर कर सकते हैं। इससे अधिक से अधिक लोग रक्तदान करने के लिये प्रेरित होंगे और इससे बहुत से लोगों को नई जिन्दगी दी जा सकती है। बेहतर होगा कि हम साल में दो बार रक्तदान कर लोगों का जीवन बचाएं उक्त संदेश संस्कृति विश्वविद्यालय के उप-कुलाधिपति राजेश गुप्ता ने छात्र-छात्राओं को दिया। संस्कृति विश्वविद्यालय में आयोजित रक्तदान शिविर में छात्र-छात्राओं के साथ ही प्राध्यापकों ने स्वैच्छिक रक्तदान किया।

श्री गुप्ता ने कहा कि रक्त, रक्त ही होता है चाहे वह किसी भी धर्म, जाति, सम्प्रदाय अथवा अमीर या गरीब का हो। रक्त सभी का एक समान होता है उसमें किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं होता है। अंगदान, नेत्रदान, देहदान तथा भूदान आदि होते रहते हैं लेकिन सबसे बड़ा दान रक्तदान ही होता है क्योंकि इससे मनुष्यों की जान बचायी जाती है। श्री गुप्ता ने कहा कि अन्य दानों की अपेक्षा रक्तदान सबसे आसान होता है और यह समाज उपयोगी कार्य भी है। इस अवसर पर कुलपति डा. देवेन्द्र पाठक ने कहा कि जितना अधिक रक्तदान किया जायेगा उतनी ही अधिक संख्या में लोगों की जान बचायी जा सकेगी। डा. पाठक ने छात्र-छात्राओं की मुक्तकंठ से प्रशंसा करते हुए कहा कि रक्तदान करना एक पुनीत कार्य है। हम स्वयं रक्तदान करने के साथ ही दूसरे लोगों को भी रक्तदान के लिए प्रेरित करें। रक्तदान से शरीर को किसी भी प्रकार की कोई क्षति नहीं होती। आपका यह रक्त किसी न किसी का जीवन अवश्य बचाएगा।

गौरतलब है कि संस्कृति विश्वविद्यालय में आयोजित रक्तदान शिविर में डा. सुशील, टेक्नीशियन संजीत कुमार और तुलसी यादव की देख-रेख में छात्र-छात्राओं के साथ ही संस्थान के प्राध्यापकों ने स्वेच्छा से रक्तदान किया।

इस अवसर पर डीन एकेडमिक डा. संजीव कुमार सिंह, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी अवनीश कुमार, दिलीप सिंह, रूप किशोर शर्मा, डीन स्टूडेंट वेलफेयर डा. धर्मेन्द्र दुबे, आर.के. मालवीय, डा. रीना रानी, पंकज सारस्वत आदि ने students को प्रेरित किया।