संस्कृति यूनिवर्सिटी के छात्रों ने बनाई eco bus cooler seat

eco bus cooler seat से अब यात्री गर्मी में ले सकते हैं ठंडी का आनंद
मथुरा। गर्मी के दिनों में यात्रा करना काफी मुश्किल होता है। हर यात्री चूंकि एयरकंडीशनर बसों में यात्रा नहीं कर सकता इस बात को ध्यान में रखते हुए संस्कृति यूनिवर्सिटी के बीटेक मैकेनिकल इंजीनियरिंग के छात्रों टूटन देबनाथ, अंकित सिंह, दिलशाद अहमद और अनुराग शर्मा ने प्रो. अरविन्द कुमार की देखरेख में ऐसी eco bus cooler seat बनाई है जिसके प्रयोग से यात्री वाहनों के अंदर का कम से कम पांच डिग्री तापमान कम किया जा सकता है। इस उपकरण की लागत सिर्फ 50 रुपये है। अधिकतम पांच सौ रुपये में पूरे गर्मी के सीजन में यात्रियों को आरामदायक यात्रा का लाभ दिलाया जा सकता है।

संस्कृति यूनिवर्सिटी के बीटेक मैकेनिकल इंजीनियरिंग के छात्रों टूटन देबनाथ, अंकित सिंह, दिलशाद अहमद और अनुराग शर्मा का कहना है कि यह आइडिया उन्हें मुंह से निकलने वाली हवा से मिला है। हम लोगों ने जो ईको बस कूलर सीट बनाई है उसमें किसी तरह की ऊर्जा की जरूरत नहीं है। इस उपकरण को यात्री वाहनों की खिड़की पर लगाने के बाद जैसे ही वाहन चलेगा उसके अंदर का तापमान कम से कम पांच डिग्री कम हो जाएगा। इन छात्रों का कहना है कि यह उपकरण शासकीय और निजी यात्री वाहनों के लिए वरदान साबित हो सकता है। हम लोगों ने जो eco bus cooler seat बनाई है, उसकी एक सीट की लागत 50 रुपये आई है, यदि इसे बड़ी संख्या में तैयार किया जाए तो इसकी लागत आधी रह जाएगी। संस्कृति यूनिवर्सिटी के बीटेक मैकेनिकल इंजीनियरिंग के छात्रों द्वारा तैयार की गई इस ईको बस कूलर सीट का सफलतापूर्वक प्रयोग भी किया जा चुका है।

छात्रों की इस शानदार प्रायोगिक सफलता पर खुशी जताते हुए संस्कृति यूनिवर्सिटी के चांसलर सचिन गुप्ता ने कहा कि टूटन देबनाथ, अंकित सिंह, दिलशाद अहमद और अनुराग शर्मा ने वाकई जनहित के मुद्दे पर अपनी मेधा का परिचय दिया है। गर्मी के समय में आम आदमी के लिए शासकीय और निजी बसों में यात्रा करना काफी कष्टदायी होता है। इन छात्रों द्वारा तैयार की गई ईको बस कूलर सीट का प्रयोग शासकीय ही नहीं निजी यात्री वाहनों में भी आसानी से किया जा सकता है।

उप-कुलाधिपति राजेश गुप्ता और यूनिवर्सिटी के कार्यकारी निदेशक पी.सी. छाबड़ा ने इस सफलता के लिए टूटन देबनाथ, अंकित सिंह, दिलशाद अहमद और अनुराग शर्मा के साथ ही प्रो. अरविन्द कुमार और विभागाध्यक्ष मैकेनिकल इंजीनियरिंग विंसेंट बालू की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयोग होते रहने चाहिए। विश्वास है कि जनहित से जुड़ा eco bus cooler seat  का यह प्रयोग सफलता के नए आयाम स्थापित करेगा।

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