ISKCON के साथ कृषक अभियान चलाएगी संस्कृति यूनि.

मथुरा। ब्रज मण्डल के गांवों में कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने एवं रोजगारपरक कार्यों से ग्रामीण युवाओं को जोड़ने के लिए संस्कृति यूनिवर्सिटी ISKCON (बी.जी.आई.एस.) के साथ एक जागरूकता अभियान चलाने जा रही है।

इस अभियान में संस्कृति यूनिवर्सिटी के छात्र-छात्राएं और ISKCON के विशेषज्ञ किसानों को फसल बीमा योजना की जानकारी देने के साथ ही उन्हें जैविक खेती, स्वयं सहायता समूहों के गठन, खाद्य प्रसंस्करण तथा कृषि आधारित लघु उद्योगों की स्थापना का प्रशिक्षण प्रदान करेंगे। संस्कृति यूनिवर्सिटी के उप-कुलाधिपति राजेश गुप्ता का कहना है कि इस जागरूकता अभियान में कृषि संकाय के छात्र-छात्राओं के साथ ही एम.बी.ए., बी.टेक, फैशन डिजाइनिंग आदि के विद्यार्थी भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे। पहले चरण के लिए ISKCON (बी.जी.आई.एस.) ने संस्कृति यूनिवर्सिटी के 26 छात्र-छात्राओं का चयन किया है।

श्री गुप्ता का कहना है कि संस्कृति यूनिवर्सिटी युवा पीढ़ी के लिए बेहतरीन शैक्षणिक वातावरण बनाने के साथ ही ब्रज मण्डल के गांवों के कायाकल्प की योजना पर काम कर रही है। ब्रज मण्डल के किसानों और ग्रामीण युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए इस्कॉन के विशेषज्ञों से विचार-विमर्श किया जा चुका है। इस्कॉन ने संस्कृति यूनिवर्सिटी की काजल बंसल, पलक खंडेलवाल, दिव्या कुमारी, अमिषा सिंह, रितिका चौधरी, अविषा मीना, महिमा गोला, मेनिका पांडेय, अवनिका गर्ग, अंकित दीक्षित, हेमंत गुप्ता, मोहित अग्रवाल, शिवांक, उमा राठी, बृजलता, हर्ष चाहर, प्रियाशरण, मोहित शर्मा, सुनील जैन, योगेश शर्मा, मनीष शर्मा, शुभम गोस्वामी, प्रशांत, अभिषेक, रितिका और श्वेता का चयन किया है। ग्रामीण क्षेत्रों में युवाओं को आत्मनिर्भरता का पाठ पढ़ाने से पहले संस्कृति यूनिवर्सिटी के चयनित छात्र-छात्राओं को इस्कॉन द्वारा प्रशिक्षण भी मुहैया कराया जाएगा।

उप-कुलाधिपति श्री गुप्ता का कहना है कि खेती को लाभ का व्यवसाय बनाने के लिए यह जरूरी है कि कृषि के साथ-साथ उससे जुड़े अन्य घटकों जैसे पशुपालन, उद्यानिकी, मछली पालन, डेयरी आदि गतिविधियों को आपस में जोड़ा जाए, इसके बगैर खेती को लाभ के व्यवसाय में परिवर्तित करना सम्भव नहीं है। श्री गुप्ता ने बताया कि इस अभियान में किसानों को विभागीय योजनाओं की जानकारी देने के साथ ही उन्हें उन्नतिशील खेती के तौर-तरीके बताए जाएंगे। इतना ही नहीं किसानों का चयन कर उन्हें प्रशिक्षित किया जाएगा ताकि वह पुराने ढर्रे की कृषि प्रणाली को छोड़कर नई तकनीक का इस्तेमाल कर लाभ हासिल कर सकें। श्री गुप्ता का कहना है कि इस अभियान में ब्रज के पढ़े-लिखे ग्रामीण युवाओं की दिलचस्पी खेती की तरफ बढ़ाई जाएगी ताकि वे व्यावसायिक उद्यानिकी फसलों के उत्पादन के साथ ही मसाला व औषधीय पौधों के उत्पादन में रुचि लेकर आत्मनिर्भर बन सकें। युवाओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें खेती के आधुनिक तौर-तरीकों से भी अवगत कराया जाएगा ताकि मौसम की विपरीत परिस्थितियों में भी वे नुकसान में न रहें।

श्री गुप्ता ने बताया कि इस अभियान में किसानों को मिट्टी परीक्षण के माध्यम से बताया जाएगा कि वह अपने खेतों में कौन सी फसल पैदा कर लाभ हासिल कर सकते हैं। प्रमुख फसलों के उत्पादन को बढ़ाने के लिए प्रत्येक किसान को प्रमाणित बीज के उपयोग की जानकारी भी दी जाएगी। इतना ही नहीं इस अभियान में गौवंश उत्पादकता की वृद्धि के साथ सघन नस्ल सुधार कार्यक्रम व दुधारू पशु उत्प्रेरण कार्यक्रम की भी जानकारी दी जाएगी। श्री गुप्ता का कहना है कि ब्रज क्षेत्र में कृषि उत्पादकता को बढ़ाने के लिए साधनों की कमी नहीं है। यहां के किसान उन्नत कृषि तकनीक अपना कर फसल उत्पादकता बढ़ा सकते हैं। उन्नत कृषि तकनीक ही खेती को लाभदायी बना सकती है। इस अभियान में किसानों को जैविक खेती के बारे में बताया जाएगा। इतना ही नहीं उन्हें प्रसंस्करण, भंडारण और फसलोत्तर प्रबंधन के प्रति भी जागरूक किया जाएगा।

ISKCON के प्रोजेक्ट इंचार्ज पीयूष सहगल ने कहा कि संस्कृति यूनिवर्सिटी एक आदर्श शिक्षण संस्थान है। इसके छात्र-छात्राओं की प्रतिभा और उत्सुकता को देखते हुए उम्मीद है कि इस्कॉन ग्रामीण विकास के अपने अभियान में जरूर सफल होगी। श्री सहगल ने कहा कि अभियान के लिए एक सर्वे टीम बनाई जाएगी जो गांवों का अध्ययन करेगी। यह सर्वे टीम गांवों में प्रमुखता से होने वाले उत्पाद और वहां उद्योग की सम्भावनाओं का पता लगाएगी। इसके बाद उस गांव का प्रमुख उत्पाद निश्चित कर दिया जाएगा। प्रत्येक गांव का अपना उत्पाद होने से वहां प्रसंस्करण की सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे पूरा गांव एक इकाई के रूप में कार्य कर सकेगा। स्वयं-सहायता समूह और स्वयंसेवी संगठनों की भी इस कार्य में सहायता ली जाएगी। इससे युवाओं का पलायन रुकेगा, गांव आत्मनिर्भर होंगे तथा गांवों में समृद्धि आएगी।

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