संस्कृति विश्वविद्यालय ने मनाया Guru Purnima महोत्सव

मथुरा। संस्कृति विश्वविद्यालय में आज Guru Purnima के अवसर पर एक महोत्सव का आयोजन किया। इस दौरान एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर P C छाबड़ा ने अपने विशिष्ट उद्बोधन में सभी शिक्षकों को गुरु पूर्णिमा की हार्दिक बधाई दी एवं उनके स्वर्णिम एवं उज्जवल भविष्य की मंगल कामना करते हुए जीवन में सफलता प्राप्त करने तथा शिक्षण प्रक्रिया में उच्च गुणवत्ता प्रदान करने के लिए बहुमूल्य मन्त्र दिए।

श्री छाबड़ा ने कार्यक्रम के प्रारम्भ में सभी संकाय सदस्यों का हार्दिक अभिनन्दन किया और उन्हें संस्कृति विश्वविद्यालय को चुनने एवं कार्यरत होने के लिए बधाई देते कहा कि हम सबको अपने छात्रों को उच्च गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा प्रदान करने की स्थापित परंपरा एवं संस्कृति को जीवित एवं जागृत रखना है ताकि संस्कृति विश्वविद्यालय में अध्ययनरत सभी छात्र एवं छात्राएं सफलता की बुलंदियों को छू सकें।

प्रारंभिक अभिभाषण के बाद उन्होंने गुरु पूर्णिमा के अवसर पर गुरु पूर्णिमा मनाने के परंपरा के बारे में विस्तार से बताया। उसके बाद उन्होंने सभी शिक्षकों को कुशल एवं सफल शिक्षक में होने वाले सभी गुणों की स्पष्ट रूप से चर्चा की। उन्होंने शिक्षकों को उनके दायित्वों के बारे में समझाते हुए बताया कि शिक्षक की जिम्मेदारी छात्रों को अच्छी तरह पढ़ा लिखा कर एक कुशल एवं सफल नागरिक बनाकर मजबूत राष्ट्र के निर्माण में अपना संपूर्ण योगदान देना है। तदोपरांत उन्होंने संकाय सदस्यों को मेंटरिंग की प्रक्रिया के बारे में समझाया और कहा कि संकाय सदस्यों का कुशल शिक्षक होने के साथ साथ एक कुशल मेंटर होना भी नितांन्त आवश्यक है ताकि वे छात्रों को पठन पाठन की प्रक्रिया में आने वाले अनेक बाधाओं एवं मुश्किलों को समझा बुझाकर एवं उनकी प्रोफेशनल तरीके से काउंसलिंग करके दूर कर सकें।

श्री पी सी छाबड़ा ने सभी सदस्यों को कहा कि हमें छात्रों से अध्यापन की प्रक्रिया में मित्रवत व्यवहार करना चाहिए ताकि वे निःसंकोच अपने संकाय सदस्यों से अपनी शंकाओं का निवारण तथा अपनी मुश्किलों का हल प्राप्त कर सकें। उन्होंने इस अवसर पर सभी को अनुशासन का पाठ पढ़ाते हुए कहा कि अनुशासन ही सफलता की एकमात्र कुंजी है। उन्होंने कहा कि छात्रों एवं शिक्षकों को विश्वविद्यालय के पूर्व निर्धारित ड्रेस कोड को पूरी तन्मयता से पालन करना चाहिए ताकि विश्वविद्यालय में अनुशासन का माहौल बना रहे। इस अवसर उन्होंने सभी सदस्यों को अपने कोर्स प्लान को अप टू डेट करने की भी सलाह दी ताकि वे छात्रों को लेटेस्ट ज्ञान एवं कौशल प्रदान कर सकें।

कुलाधिपति सचिन गुप्ता ने अपने प्रेरणापूर्ण संदेश में कहा कि सभी शिक्षकों को अध्यापन के साथ शोध एवं प्रकाशन पर भी ध्यान देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने सभी शिक्षकों का इनोवेशन, पेटेंट, आर एंड डी गतिविधियों पर जोर देने के लिए उत्साहवर्द्धन किया। गुरु पूर्णिमा के शुभ अवसर पर सभी सभी शिक्षकों को बधाई सन्देश में उन्होंने सभी शिक्षकों एवं छात्रों के उज्जवल भविष्य एवं सर्वांगीण विकास की मंगल कामना की।

उप कुलाधिपति राजेश गुप्ता ने अपने प्रेरणापूर्ण संदेश में कहा शिक्षकों को उच्च गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा और आउटकम बेस्ड शिक्षा के साथ साथ एक्स्ट्रा करीकुलर गतिविधियों पर भी विशेष ध्यान देने की परंपरा को नया आयाम देना चाहिए ताकि हम छात्रों को कुशल प्रोफेशनल के साथ उनके व्यक्तित्व में समग्र विकास कर उन्हें एक सफल नागरिक भी बना सकें। उन्होंने शिक्षकों को राष्ट्रीय एवं अंतर राष्ट्रीय स्तर के अन्य ख्याति प्राप्त विशेषज्ञों के साथ मिलकर शोध कर शोध पत्र प्रकाशित करते रहने के लिए प्रेरित किया।

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