प्रबंधन शिक्षा में Sanskriti University की सराहना

Sanskriti University को प्रतिष्ठित पत्रिका इंडिया टुडे ने देश के टाप 50 बी स्कूलों में किया शुमार

मथुरा। Sanskriti University शिक्षा प्रबंधन के क्षेत्र में अब एक सुपरचित नाम बन गया है। इस बात को अब तक जाने-माने बी-स्कूलों के प्रतिनिधि, नॉलेज कम्पनियां और शैक्षिक संस्थानों के प्रतिनिधि तो मानते ही रहे हैं अब देश की प्रतिष्ठित पत्रिका इंडिया टुडे ने भी संस्कृति विश्वविद्यालय को शिक्षा प्रबंधन के क्षेत्र में देश के 50 बी स्कूलों में शुमार किया है। पत्रिका के दिसम्बर अंक में प्रकाशित नवीनतम सर्वे रिपोर्ट में संस्कृति विश्वविद्यालय का टाप 50 स्कूलों में रहना शिक्षा जगत में प्रतिष्ठा का ही सूचक है।

ज्ञातव्य है कि संस्कृति विश्वविद्यालय ने अपनी स्थापना वर्ष से ही प्रबंधन शिक्षा को न केवल महत्वपूर्ण माना बल्कि छात्र-छात्राओं को देश-दुनिया के मौजूदा हालातों के अनुरूप तालीम देने की कोशिश भी की। प्रबंधन शिक्षा को कैसे समृद्ध बनाया जाए, इस पर विशेषज्ञों के परामर्श को हमेशा महत्व दिया है। प्रबंधन के क्षेत्र में देश को सुपरपावर का दर्जा दिलाने के लिए यहां विश्वस्तरीय प्रबंधन शिक्षा की व्यवस्था की गई है। संस्कृति विश्वविद्यालय प्रबंधन ने भारत को आने वाले कल के लिए प्रभावशाली प्रबंधक दिलाने के लिए प्रबंधन शिक्षा को नए सिरे से संवारने का काम किया है तो लाख चुनौतियों के बावजूद मौजूदा परिदृश्य में विनियमन सम्बन्धी बदलाव, भारतीय अर्थव्यवस्था में उद्यमिता संस्कृति के महत्व, टेस्टिंग तथा लर्निंग में डिजिटल टेक्नोलॉजी को शिद्दत से महसूस किया है।

उप-कुलाधिपति राजेश गुप्ता का कहना है कि संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रबंधन शिक्षा के क्षेत्र में देश के श्रेष्ठ 50 स्कूलों में शुमार होने की मुख्य वजह विश्वविद्यालय प्रबंधन द्वारा शिक्षा में सुधार के साथ-साथ वर्तमान शैक्षिक उद्देश्यों को पुनरीक्षित किया जाना है। शिक्षा महज परीक्षा पास करने या नौकरी, रोजगार पाने का साधन नहीं है। शिक्षा विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, अन्तर्निहित क्षमताओं के विकास के साथ ही स्वथ्य जीवन निर्माण के लिए भी जरूरी है। शिक्षा प्रत्येक युवा को श्रेष्ठ इंसान बनने की ओर प्रवृत्त करे तभी सार्थक सिद्ध हो सकती है। संस्कृति विश्वविद्यालय प्रबंधन ने शैक्षिक पद्धति में सुधार के साथ ही शिक्षा के उद्देश्यों को सामयिक रूप से परिभाषित कर पुनरीक्षित किया है।

Sanskriti University के स्कूल आफ मैनेजमेंट एण्ड कामर्स प्रमुख प्रो. निर्मल कुण्डू का कहना है कि हमारे यहां इंडस्ट्रीज ओरिएंटेड कार्यक्रम, औद्योगिक भ्रमण, विशेषज्ञों की कार्यशालाएं, सेमिनार, प्रैक्टिस ओरिएंटेड टीचिंग के माध्यम से छात्र-छात्राओं को तालीम दी जाती है। यहां मैनेजमेंट में इनोवेशन, इंक्यूबेशन, आई.पी.आर. तथा इंटरप्रेन्योरशिप तो टीचिंग मैथडोलाजी में प्रजेंटेशन, केस बेस्ड लर्निंग तथा बुक रिव्यूज पर विशेष ध्यान दिया जाता है।

Sanskriti University का प्रयास छात्र-छात्राओं को मौजूदा प्रबंधकीय कौशल में पारंगत करना है।