Pidilite Industries में हुआ संस्कृति के 20 विद्यार्थियों का चयन

मथुरा। कौशलपरक शिक्षा के क्षेत्र में नित नए आयाम स्थापित कर रही संस्कृति यूनिवर्सिटी के छात्र-छात्राएं एक के बाद एक प्लेसमेंट के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं। एक कैम्पस प्लेसमेंट के तहत टी.एम.आई. ग्रुप की कम्पनी, Pidilite Industries
लिमिटेड दिल्ली ने यहां के डिप्लोमा और बी.टेेक सिविल इंजीनियरिंग संकाय के अंतिम वर्ष के 20 छात्र-छात्राओं को शानदार पैकेज पर सेवा का अवसर प्रदान किया है।

कैम्पस प्लेसमेंट से पूर्व टी.एम.आई. के पदाधिकारी आशुतोष सिंह ने संस्कृति यूनिवर्सिटी के छात्र-छात्राओं को Pidilite Industries
कम्पनी के कामकाज के साथ ही भविष्य की सम्भावनाओं पर विस्तार से जानकारी दी। कम्पनी पदाधिकारियों ने इसके बाद छात्रों की लिखित परीक्षा ली, इसके बाद साक्षात्कार लिया गया। संस्कृति यूनिवर्सिटी के छात्रों ने अपनी तकनीकी बौद्धिक क्षमता से कम्पनी के पदाधिकारियों को इस कदर प्रभावित किया कि उन्होंने 19 छात्र और एक छात्रा को बतौर कस्टमर सर्विस (साइट इंजीनियर) रूप में काम करने का अवसर प्रदान किया।

 Pidilite Industries मेें चयनित विद्यार्थियों में शुभम सिंह, बृजेश कुमार, जुगेन्द्र सिंह, रजत कुमार, रब्बुल अंसारी, मनोज कुमार, राहुल, तेजवीर सिंह, राकेश कुमार, विजय सेंगर, सुमित कुमार, अमित कुमार द्विवेदी, जगदीश सिंह, हरीचंद, मिमोह कुमार शर्मा, पुनीत कुमार, अनाम तैलोंग, अक्षय कुमार, यूसुफ खान तथा जीतेन्द्र सिंह शामिल हैं। चयनित छात्र-छात्राओं ने कहा कि शिक्षा पूरी करने से पहले ही अच्छी कम्पनी में सेवा का अवसर मिलना हम सभी के लिए खुशी की बात है। छात्रों ने माना कि यह सब संस्कृति यूनिवर्सिटी में प्लेसमेंट पूर्व कराई जा रही तैयारियों का नतीजा है।

संस्थान के कुलाधिपति सचिन गुप्ता का कहना है कि संस्कृति यूनिवर्सिटी की नजर बदलते परिवेश के साथ ही यंगस्टर्स के गोल्डेन करियर पर भी है। एज्यूकेशन हासिल करने के बाद यंगस्टर्स को रोजगार के लिए दर-दर न भटकना पड़े इसके लिए संस्कृति यूनिवर्सिटी में करियर के कई सारे ऑप्शंस पर ध्यान दिया जाता है। यहां छात्र-छात्राओं की क्रिएटिविटी के साथ उनमें टेक्निकल स्किल्स को शार्प कर इस लायक बना दिया जाता है कि वे देश-दुनिया के किसी कोने में आसानी से अपना करियर संवार सकें। प्रोफेशनल्स अपनी क्रिएटिव और टेक्निकल स्किल्स के जरिए अपने पैरों पर खड़ा हो यही संस्कृति यूनिवर्सिटी का मूल उद्देश्य है।

उप-कुलाधिपति राजेश गुप्ता का कहना है कि टेक्निकल एज्यूकेशन संस्कृति यूनिवर्सिटी का सबसे मजबूत पक्ष है। संस्कृति यूनिवर्सिटी का उद्देश्य छात्र-छात्राओं को कौशलपरक शिक्षा में दक्ष करना है ताकि वे अपनी प्रतिभा के बूते ख्यातिनाम कम्पनियों में करियर संवार सकें। खुशी की बात है कि संस्थान के छात्र-छात्राएं लगातार बड़ी-बड़ी कम्पनियों में अपनी प्रतिभा के बूते नौकरी हासिल कर रहे हैं। कार्यकारी निदेशक पी.सी. छाबड़ा, कुलपति डा. राणा सिंह, हेड कार्पोरेट रिलेशन आर.के. शर्मा, मैनेजर कार्पोरेट रिलेशन तान्या उपाध्याय ने चयनित छात्रों को बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »