Sanskriti यूनिवर्सिटी के छात्र संजय ने नेशनल में जीता गोल्ड मेडल

मथुरा। शिक्षा ही नहीं खेल के क्षेत्र में भी Sanskriti यूनिवर्सिटी के छात्र-छात्राएं राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने लगे हैं। वह दिन दूर नहीं जब यहां के खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संस्कृति यूनिवर्सिटी ही नहीं अपने देश का नाम रोशन करते दिखेंगे। हाल ही Sanskriti यूनिवर्सिटी के छात्र संजय ने राजस्थान के उदयपुर में हुई स्कूल गेम्स डेवलपमेंट फाउण्डेशन की नेशनल चैम्पियनशिप की ताईक्वांडो स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर मथुरा सहित उत्तर प्रदेश को गौरवान्वित किया।

राजस्थान के उदयपुर में 29 से 31 जनवरी तक स्कूल गेम्स डेवलपमेंट फाउण्डेशन की नेशनल चैम्पियनशिप में संस्कृति यूनिवर्सिटी के छात्र संजय ने न केवल सहभागिता की बल्कि मार्शल आर्ट खेलों की ताईक्वांडो स्पर्धा के 63 किलोग्राम भारवर्ग में अपने शानदार कौशल से स्वर्णिम सफलता भी हासिल की। 12 जुलाई, 2001 को ग्राम हताना, तहसील छाता (मथुरा) निवासी गिरराज-मीरा देवी के घर जन्मे संजय को बचपन से ही खेलों के प्रति लगाव है। ताइक्वांडो स्पर्धा में संजय अब तक दर्जनों मेडल जीत चुके हैं। डी.फार्मा प्रथम वर्ष के छात्र संजय अपनी इस सफलता का श्रेय प्रशिक्षक तरुण कुमार और संस्कृति यूनिवर्सिटी को देते हुए कहते हैं कि मेरा अगला लक्ष्य अब इंटरनेशनल मेडल है, मैं इसके लिए दिन-रात मेहनत कर रहा हूं।

राष्ट्रीय स्तर पर संजय की इस कामयाबी से संस्कृति यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति सचिन गुप्ता बेहद प्रसन्न हैं। श्री गुप्ता ने संजय को शाबासी देते हुए कहा कि बेटे तुम्हारी इस सफलता से संस्कृति यूनिवर्सिटी परिवार गौरवान्वित है। मेहनत जारी रखो ताकि इंटरनेशनल स्तर पर भी तुम्हें सफलता से कोई वंचित न कर सके। संस्कृति यूनिवर्सिटी युवा पीढ़ी के सर्वांगीण विकास के लिए प्रयत्नशील है। श्री गुप्ता ने कहा कि जो भी छात्र-छात्राएं पढ़ाई के साथ-साथ खेल के क्षेत्र में भी सफलता हासिल करेंगे उन्हें यूनिवर्सिटी विशेष प्रोत्साहन देगी। यहां अतिशीघ्र इंडोर और आउटडोर खेलों के लिए अंतरराष्ट्रीय खेल सुविधाएं जुटाई जाएंगी। इतना ही नहीं संस्कृति यूनिवर्सिटी युवा प्रतिभाओं के खेल को निखारने के लिए उन्हें जाने-माने प्रशिक्षकों से प्रशिक्षण भी दिलाएगी।

इस अवसर पर कुलपति डा. राणा सिंह ने संजय को शाबासी देते हुए कहा कि खेल स्वस्थ शरीर के लिए ही नहीं बल्कि धैर्य, सहनशीलता और मानवीय गुणों के विकास के लिए भी जरूरी हैं। खेलों से खिलाड़ी में आत्मनिर्भर होने की भावना उत्पन्न होती है, लिहाजा हर छात्र और छात्रा को प्रतिदिन किसी न किसी खेल में सहभागिता जरूर करनी चाहिए। ताईक्वांडो खेल में राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्णिम सफलता हासिल करने वाले संजय को उप-कुलाधिपति राजेश गुप्ता, कार्यकारी निदेशक पी.सी. छाबड़ा, ओ.एस.डी. मीनाक्षी शर्मा, सभी विभागाध्यक्षों, प्राध्यापकों और छात्र-छात्राओं ने शाबासी देते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मेडल जीतने की शुभकामनाएं दीं।

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