लोहिया ट्रस्‍ट के नाम आवंटित बंगले से समाजवादी पार्टी बेदखल

लखनऊ। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर लोहिया ट्रस्ट के नाम आवंटित बंगला भी समाजवादी पार्टी के कब्जे से शुक्रवार को खाली करवा लिया गया।
राज्य सम्पत्ति विभाग ने लोहिया समेत तीन ट्रस्टों को पिछले साल अक्टूबर में पहला नोटिस जारी किया था। इसके बाद कई नोटिस के बावजूद बंगला खाली नहीं किया जा रहा था।
सुप्रीम कोर्ट ने अवैध रूप से काबिज इन संस्थाओं और ट्रस्टों को उस समय केवल चार महीने का समय दिया था।
लोक प्रहरी की ओर से सुप्रीम कोर्ट में एसएन शुक्ला ने याचिका दायर की थी कि ये सभी बंगले अवैध रूप से आवंटित किए गए हैं। उन्होंने खासतौर पर विक्रमादित्य मार्ग स्थित लोहिया ट्रस्ट का मामला उठाया था। राज्य सरकार ने बताया था कि नए एक्ट से इस बंगले का आवंटन एक जनवरी 2017 को किया गया था। वहीं, एसएन शुक्ला का कहना था कि ट्रस्ट के लिए बंगले का आवंटन 10 साल के लिए किया गया है, जबकि संशोधित एक्ट के मुताबिक बंगले का आवंटन पांच साल के लिए ही किया जा सकता है।
मुलायम, अखिलेश को भी खाली करने पड़े थे बंगले
लोहिया ट्रस्ट के अध्यक्ष पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव और सचिव पूर्व मंत्री शिवपाल सिंह यादव हैं। पूर्व सीएम अखिलेश यादव, सांसद रामगोपाल यादव समेत कई प्रमुख लोग इसके सदस्य हैं। इसके पहले मुलायम और अखिलेश यादव जिन बंगलों में बतौर पूर्व मुख्यमंत्री रह रहे थे, उन्हें खाली करना पड़ा था।
कुछ दिन दिया महंगा किराया
लोहिया ट्रस्ट ने बंगला खाली करने के लिए कुछ महीने पहले ही वक्त मांगा था। आवंटन रद्द होने के बाद से लोहिया ट्रस्ट लगातार 70 हजार रुपये किराया दे रहा था। यह किराया बाजार दर से वसूला जा रहा था। इसी तरह का किराया महत्तम राय ट्रस्ट, वीर बहादुर सिंह ट्रस्ट को देने के लिए भी नोटिस दिया गया था। लोहिया ट्रस्ट ने कुछ महीने तो यह किराया दिया, अब बंगला खाली करना ही पड़ गया।
-एजेंसियां

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