खिलाड़ियों की ट्रेनिंग के लिए ‘साई’ ने जारी किया एसओपी

नई दिल्‍ली। स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साई) ने गुरुवार को खिलाड़ियों की ट्रेनिंग के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर यानी एसओपी जारी कर दिया। इसके तहत खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ से जुड़े लोगों को आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करना होगा। इसके अलावा जिम का इस्तेमाल भी शिफ्ट में होगा। साई के सचिव रोहित भारद्वाज ने ऑनलाइन प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी।
बता दें कि लॉकडाउन के चौथे फेज में सरकार ने स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और स्टेडियम खोलने की छूट जारी की थी। हालांकि, दर्शकों की एंट्री पहले की तरह बैन रहेगी।
एसओपी खिलाड़ियों के साथ कोचिंग स्टाफ पर भी लागू होगा
साई द्वारा जारी एसओपी सिर्फ खिलाड़ियों पर नहीं, बल्कि ट्रेनिंग से जुड़े सभी स्टाफ पर भी लागू होगा। इसमें ट्रेनिंग सेंटर का प्रशासनिक स्टाफ, होस्टल में तैनात कर्मचारी भी शामिल हैं। एसपीओ के तहत हर साई सेंटर पर एक कोविड टास्क फोर्स गठित की जाएगी। इसके अलावा हाईजीन ऑफिसर की नियुक्ति भी होगी। समय-समय पर खिलाड़ियों को कोरोना वायरस के प्रति जागरुक भी किया जाएगा।
स्थानीय प्रशासन की मंजूरी के बाद ही ट्रेनिंग शुरू होगी
साई द्वारी जारी एसओपी तो तत्काल प्रभाव से लागू हो जाएगा। लेकिन देश में खेल गतिविधियों के दोबारा शुरू होने की तस्वीर अभी भी साफ नहीं है क्योंकि इस एसओपी में साफ किया गया है कि स्थानीय प्रशासन की हरी झंडी मिलने के बाद ही खिलाड़ी दोबारा ट्रेनिंग शुरू कर सकेंगे। इसका मतलब राज्य सरकार अगर हालात को ट्रेनिंग के लिहाज से ठीक नहीं समझती हैं तो वह मंजूरी देने से भी इंकार कर सकती हैं। ऐसी सूरत में खेल संघों को राज्य सरकार का फैसला मानना होगा।
खेलों को चार हिस्सों में बांटा गया
साई ने लॉकडाउन के बाद खेलों की सुरक्षित वापसी को लेकर जो 45 पन्नों का एसओपी तैयार किया है। इसमें खेलों को चार हिस्सों में बांटा गया है। कॉन्टैक्ट स्पोर्ट्स, मीडियम कॉन्टैक्ट स्पोर्ट्स, फुल कॉन्टैक्ट स्पोर्ट्स और वाटर स्पोर्ट्स शामिल हैं।
कुश्ती-बॉक्सिंग के खिलाड़ी एक-दूसरे के साथ ट्रेनिंग नहीं कर सकेंगे
हर खेल के लिए अलग-अलग गाइडलाइन जारी की है। फिलहाल कुश्ती, बॉक्सिंग जैसे कॉन्टैक्ट स्पोर्ट्स ( दो खिलाड़ियों के बीच आपसी सम्पर्क) के खिलाड़ी एक-दूसरे के साथ ट्रेनिंग नहीं कर सकेंगे।
अलग-अलग खेलों से जुड़ी गाइडलाइन
एथलेटिक्स: खिलाड़ी सभी इवेंट की प्रैक्टिस कर सकते हैं। हाईजंप, पोल वॉल्ट, शॉटपुट, जैवलिन, डिस्कस थ्रो से जुड़े खिलाड़ियों को इक्विपेंट अपना इस्तेमाल करना होगा।
हॉकी: खिलाड़ियों को अनिवार्य रूप से अपनी स्टिक इस्तेमाल करनी होगी। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए 12 खिलाड़ी एक साथ स्किल ट्रेनिंग कर सकेंगे। टर्फ पर लेट और बैठकर एक्सरसाइज की इजाजत नहीं होगी।
वेटलिफ्टिंग: दो प्लेटफॉर्म के बीच कम से कम 2 मीटर की दूरी होना जरूरी। वेटलिफ्टर अपना ट्रेनिंग इक्विपमेंट ही इस्तेमाल करेंगे।
आर्चरी: सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन कर ट्रेनिंग करनी होगी। आर्चर को पर्सनल इक्विपेंट के साथ ही ट्रेनिंग की इजाजत होगी।
बैडमिंटन: एक कोर्ट पर दो खिलाड़ी और एक कोच ही मौजूद रहेंगे। यहां भी खिलाड़ियों को अपना रैकेट इस्तेमाल करना होगा।
बॉक्सिंग: स्किल ट्रेनिंग के दौरान 2 मीटर की दूरी रखना जरूरी। अपना बैग और बॉक्सिंग ग्ल्वस ही इस्तेमाल कर सकेंगे।
फेंसिंग: जोड़ीदार के साथ प्रैक्टिस नहीं कर सकेंगे। डमी का इस्तेमाल करना होगा।
नोट: खिलाड़ी को प्रैक्टिस से पहले और बाद में अपने इक्विपेंट को सैनिटाइज करना होगा।
स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर की अहम बातें
खिलाड़ी छोटे ग्रुप्स में ट्रेनिंग शुरू कर सकेंगे।
कोरोना टेस्ट की रिपोर्ट निगेटिव आने तक खिलाड़ी क्वारैंटाइन में रहेंगे।
ट्रेनिंग शुरू करने का फाइनल क्लीयरेंस साई सेंटर्स पर तैनात डॉक्टर ही देंगे।
ग्ल्वस और मास्क पहनने के बाद ही फिटनेस इक्विपमेंट के इस्तेमाल की इजाजत होगी।
एक बार में पांच खिलाड़ी ही फिटनेस रूम का इस्तेमाल कर सकेंगे।
सभी खिलाड़ी, कोच और सपोर्ट स्टाफ सोशल डिस्टेंसिंग से जुड़े नियमों का कड़ाई से पालन करें।
-एजेंसियां

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