सहकारिता के विकास में सहकार भारती का योगदान महत्वपूर्ण

नई दिल्ली। सहकार भारती की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक नई दिल्ली में भारतीय राष्ट्रीय सहकारी संघ के सभागार में संपन्न हुई । बैठक में सहकार भारती के राष्ट्रीय पदाधिकारी और प्रदेशों के पदाधिकारी और राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य उपस्थित रहे । कोरोना काल के कारण 1 वर्ष के पश्चात संपन्न यह बैठक अति महत्वपूर्ण रही । दो दिवसीय इस बैठक में सहकार भारती के द्वारा अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए। बैठक में तीन महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए ।

इस बैठक का सहकार भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री रमेश वैद्य द्वारा दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया। उद्घाटन सत्र में राष्ट्रीय महामंत्री उदय जोशी द्वारा सहकार भारती के पिछले 1 वर्ष के कार्यों का वृत्त रखा । सहकार भारती द्वारा इस वर्ष लखनऊ उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय अधिवेशन करने का निर्णय लिया गया । सहकार भारती के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री दीनानाथ ठाकुर ने सहकारी संस्थाओं के महासंघ यूनियन और एसोसिएशन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा की इनका सहकारिता के विकास और समृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान है । अतः इन संस्थाओं में सहकारिता को सही दिशा और दशा प्रदान करने के लिए सहकार भारती के कार्यकर्ताओं को अपनी भागीदारी करनी चाहिए । बैठक में भारतीय राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (National Cooperative Development Corporation of India) के द्वारा प्रारंभ की गई आरोग्य सहकार योजना, महिला सशक्तिकरण हेतु नंदनी सहकार योजना, युवा सहकार योजना की जानकारी प्रदान की गई ।

बैठक में इंटरनेशनल को.ओ. एलांयनस द्वारा इस वर्ष को जलवायु परिवर्तन एंव पर्यावरण संरक्षण वर्ष के रूप में मनाया जाने के दृष्टिगत संगोष्ठी भी आयोजित की गई । डाॅ अनुराधा शर्मा पर्यावरणविद एंव सक्रिय कार्यकर्ता ने आधुनिकता और विकास कि आड़ में जल, जमीन जंगल और प्राकृतिक संसाधनों के दोहन से पर्यावरण को होने वाले भयावह वायु प्रदूषण,कार्बन उत्सर्जन, गिरते हुए स्वास्थ्य स्तर और दुष्प्रभाव का उल्लेख करते हुए सहकारी संस्थाओं को इस पर ध्यान आकर्षित करने का आह्वान किया। विशेष रूप से भूमि कि उर्वरता बनाए रखने और जल स्तर को बनाए रखने को अत्यन्त आवश्यक माना। बैठक में सहकार भारती के प्रयास से पंजीकृत सिंम्पलि देशी मल्टी स्टेट को. ओ.सोसायटी लिमिटेड में किए जाने वाले उत्पादन और विपरण सम्बन्धी कार्यां को सोसायटी कि मुख्य प्रबंधक निदेशक श्रीमति मधुबाला साबू द्वारा जानकारी दी गई।

बैठक में सहकार भारती के संविधान में किए गए संशोधनों को राष्ट्रीय महामंत्री श्री उदय जोशी ने उपस्थित सदस्यों के साथ साझा किए तथा सहकार भारती के कार्य विस्तार के लिए वार्षिक सदस्यता अभियान और कार्यालयी व्यवस्थाओं पर राष्ट्रीय संगठन मंत्री श्री संजय पाचपोर ने चर्चा और मार्ग दर्शन किया। सहकार भारती के राष्ट्रीय मंत्री श्री अशोक टेकाम ने किसानों कि आय दोगुना किए जाने वाली सरकारी योजनाओं के बारे में बताया। सहकार भारती के केंद्रीय सह सम्पर्क प्रमुख श्री मंगेश भेंडे ने सहकारिता क्षेत्र के कार्यकर्ताओं के आचरण और व्यवहार पर विचार रखते हुए ध्यान में रखे जाने वाली मर्यादाओं और संस्कारों पर प्रकाश डाला। इस बैठक में प्रस्ताव पारित करके सहकार भारती ने केन्द्रीय जिला सहकारी बैंक का राज्य सहकारी बैंक में विलय कि नीति का विरोध किया है।

प्रस्ताव में देश में डिजिटलाइजेशन की प्रक्रिया को बढ़ावा देने के लिए प्राथमिक कृषि सहकारी संस्थाओं, दुग्ध सहकारी संस्था, मत्स्य सरकारी संस्था और शहरी तथा ग्रामीण साख संस्थाओं को नेशनल पेमेंट सिस्टम मैं प्रवेश देने की बात कही गई है । सहकार भारती ने सभी प्रदेश सरकारों से इज ऑफ डूइंग बिजनेस व्यवसायिक सुलभता विकास की नीति को क्रियान्वित करने के लिए कहा है । इस बैठक में भविष्य के दृष्टिगत सहकारिता क्षेत्र से सम्बंधित तीन विभिन्न प्रस्ताव पारित किए गए।

– अशोक कुमार निर्भय
वरिष्ठ पत्रकार एवं स्तंभ लेखक,समीक्षक

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *