अपनी इस किताब को देश के स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल कराना चाहते हैं सचिन

मास्टर-ब्लास्टर सचिन तेंडुलकर ने देश के बच्चों को अलग-अलग खेल के दिग्गज खिलाड़ियों से रूबरू कराने के लिए अनोखी पहल की है। बच्चों को इन खिलाड़ियों की जिंदगी से कुछ बेहतर सिखाने की कोशिश में सचिन ने खुद किताब लिखी है। अब वह इस किताब को देश के स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल कराना चाहते हैं।
राज्यसभा सांसद सचिन ने देश के नामचीन 21 खिलाड़ियों की आत्मकथाओं को जोड़कर एक नया संग्रह बनाया है जिसे 50 पेजों के एक बुकलेट के रूप में प्रकाशित किया गया है।
सचिन की इस नई किताब का नाम ‘अनफॉर्गेटेबल स्पोर्टिंग हीरोज ऐंड लेजेंड्स ऑफ इंडिया’ है। 21 दिसंबर को जब सचिन राज्यसभा में पहुंचे थे तो वह इसी किताब से जुड़े पहलुओं और खेल को लेकर बात करना चाहते थे लेकिन सदन में हुए हंगामे के कारण उन्हें बोलने का मौका नहीं मिला।
‘स्कूली पाठ्यक्रम का हिस्सा बनें खिलाड़ियों की आत्मकथा’
इसके बाद सचिन ने इस किताब को उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू और मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को भेंट किया।
इस दौरान उन्होंने कहा कि देश को खेल की गतिविधियों से और प्रभावी रूप में जोड़ने के लिए हमें खेल की संस्कृति को भी बढ़ावा देना होगा। इस किताब को लिखने के पीछे मुख्य उद्देश्य था कि बच्चों को खेल जगत के लोगों की प्रेरक कहानियां बताई जा सके। जब इस तरह की किताबें देश की शिक्षा व्यवस्था का हिस्सा बनती हैं तो ऐसा करने में और आसानी होगी।
मेजर ध्यानचंद, मिल्खा सिंह का जिक्र
सचिन ने कहा कि हिन्दुस्तान ने खेल के क्षेत्र में हजारों विभूतियों को जन्म दिया है। हर राज्य में ऐसे विशिष्ट खिलाड़ी मौजूद हैं जिनकी कहानियां स्कूली किताबों का हिस्सा बन सकती हैं। मैं इन सभी के बारे में नहीं लिख सकता था लेकिन जरूरी है कि सभी मिलकर इस दिशा में काम करें। सचिन ने इस किताब में जिन खिलाड़ियों की आत्मकथा को शामिल किया है उनमें मेजर ध्यानचंद, अरुणिमा सिन्हा, अभिनव बिंद्रा, विश्वनाथन आनंद, कर्णम मल्लेश्वरी, मिल्खा सिंह, मैरी कॉम, अजीत वाडेकर समेत कई अन्य नाम शामिल हैं।
-एजेंसी