S. Gurumurthy व सतीश मराठे RBI बोर्ड में नॉन अफीशियल डायरेक्टर पद पर नियुक्त

नई दिल्‍ली। बीजेपी और संघ के करीबी S. Gurumurthy व कॉपरे‍टिव सेक्टर में काम करने वाले सतीश मराठे को RBI board में नॉन अफीशियल डायरेक्टर पद पर नियुक्त किया गया है।

स्वामीनाथन Gurumurthy को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया(आरबीआई बोर्ड) में शामिल करने वाले वित्त सेवा विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अब स्वामिनाथन गुरुमूर्ति चार वर्षों तक नॉन अफीशियल डायरेक्टर पद पर बने रहेंगे। अप्वॉइंट कमेटी ऑफ कैबिनेट(एसीसी) ने यह उनकी नियुक्ति को मंजूरी दी।

गुरुमूर्ति पेशे से चार्टेड अकाउंटेंट और अर्थशास्त्री हैं और स्वदेशी जागरण मंच के सह-संयोजक भी हैं। वो आर्थिक और राजनीतिक समीक्षक के साथ ही साथ तमिल पत्रिका ‘तुगलक’ के एडिटर भी हैं। एस गुरुमूर्ति का कार्यकाल 4 साल का होगा। इसी के साथ सतीश मराठे की भी नियुक्ति बोर्ड में इतने ही समय के लिए की गई है।

स्वामिनाथन संघ और बीजेपी के विचारक भी हैं। ऐसा कहा जाता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी से पहले स्वामिनाथन से सलाह ली थी।

कार्ति चिदंबरम और एयरसेल मैक्सिस केस का खुलासा करने में भी इनकी अहम भूमिका थी। तमिलनाडु में ओ पन्‍नीरसेल्‍वम और ई पलानीस्‍वामी के धड़ों के बीच सुलह भी इन्‍होंने ही कराई थी।

इनके साथ ही सतीश मराठे को भी बोर्ड में शामिल किया गया है। मराठे कॉपरे‍टिव सेक्टर में काम करते रहे हैं। उन्होंने मीडिया से बताया है कि अपने कॉरपोरेट सेक्टर के अनुभव का इस्तेमाल वह आरबीआई को सलाह देने में करेंगे।
-एजेंसियां

इस नियुक्ति का प्रस्ताव केंद्रीय वित्त मंत्रालय की वित्तीय सेवा विभाग की ओर से भेजा गया था, अप्वॉइंट कमेटी ऑफ कैबिनेट(एसीसी) ने मंगलवार को इसे मंजूरी दी है। इन दो नियुक्तियों के बाद आरबीआई बोर्ड में 10 निदेशक हो गए हैं।

गुरुमूर्ति तमिलनाडु की राजनीति में भी सक्रिय रहे हैं। उन्होंने बैंक ऑफ इंडिया और आईडीबीआई बैंक के साथ भी काम किया है।

-Agency

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