रूसी अधिकारियों ने कहा, भारत को इस साल नवंबर से शुरू हो जाएगी एस-400 मिसाइल सिस्टम की डिलीवरी

मॉस्को। भारत को इस साल नवंबर महीने से एस-400 मिसाइल सिस्टम की डिलीवरी शुरू हो जाएगी। रूसी अधिकारियों ने कहा है कि यह डील पहले से तय समय के अनुसार अपने निर्धारित ट्रैक पर चल रही है। हम एस-400 मिसाइल सिस्टम की डिलीवरी इस साल नवंबर से करना शुरू कर देंगे। रूस से इस हथियार की खरीद को लेकर अमेरिका पहले से ही भारत पर काट्सा कानून के जरिए प्रतिबंध लगाने की धमकी देता रहा है।
नवंबर से शुरू होगी एस-400 की डिलिवरी
द हिंदू की रिपोर्ट में अज्ञात रूसी अधिकारियों के हवाले से दावा किया गया है कि भारत की तरफ से इस समझौते को तय समय से पहले पूरा करने के प्रयास किए गए थे लेकिन हमने बता दिया था कि यह संभव नहीं है। बता दें कि चीन के साथ लद्दाख में जारी तनाव के दौरान भारत ने रूस से इस डील को जल्द से जल्द पूरा करने को कहा था। इस मिसाइल सिस्टम की डिलिवरी से भारतीय वायु सेना की सर्विलांस और हमलावर ताकत में भी जोरदार इजाफा होने की उम्मीद है।
रूस ने अमेरिकी प्रतिबंधों की संभावनाओं को खारिज किया
रूसी अधिकारियों ने काट्सा के तहत भारत पर प्रतिबंध लगाने की संभावनाओं को भी खारिज किया है। उन्होंने कहा कि यह डील राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखकर किया गया है। जो बाइडन सरकार में रक्षा मंत्री बने लॉयड ऑस्टिन ने भी अपने पहले भारत दौरे के समय कहा था कि हमारे दोस्तों को रूस से हथियारों की खरीद से बचना चाहिए। प्रतिबंधों के मुद्दे पर उन्होंने कहा था कि जब भारत को अभी तक यह सिस्टम मिला ही नहीं है तो प्रतिबंधों का कोई सवाल ही नहीं है।
भारत पर प्रतिबंध के मुद्दे पर अमेरिकी नेता दो फाड़
भारत पर प्रतिबंध लगाने के मुद्दे पर अमेरिकी सांसद दो फाड़ हो गए हैं। रिपब्लिकन पार्टी के नेता टोड यंग ने कहा है कि अगर भारत पर काउंटरिंग अमेरिका एडवर्सरीज थ्रू सैंक्शंस एक्ट (CAATSA) के तहत प्रतिबंध लगाया जाता है तो यह रूस के लिए भूरणनीतिक जीत होगी। उधर, सीनेट की विदेश मामलों की समिति के डेमोक्रेटिक अध्यक्ष बॉब मेनेंडेज ने कहा है कि यदि भारत रूसी मिसाइल प्रणाली खरीदने की दिशा में आगे बढ़ता है तो उसे काट्सा की धारा 231 के तहत प्रतिबंध लगाने की चेतावनी दी जानी चाहिए।
सांसद बोले, भारत पर प्रतिबंध लगाने से अमेरिका होगा कमजोर
अमेरिकी सीनेट की विदेश मामलों की समिति के सदस्य यंग ने विदेश नीति मैगजीन में लिखा कि यदि अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन का प्रशासन भारत पर प्रतिबंध लगाता है, तो इससे अहम समय में दो रणनीतिक मोर्चे कमजोर होंगे- इससे भारत के साथ अमेरिका के संबंध कमजोर होंगे और इससे चीन से निपटने की क्वाड (QUAD) की क्षमता भी प्रभावित होगी। यंग ने लिखा कि अमेरिका के प्रतिबंध लगाने का कदम भारत को एस-400 मिसाइल प्रणाली खरीदने से रोकेगा नहीं।
क्या है S-400 डिफेंस सिस्टम
यह एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम है, जो दुश्मन के एयरक्राफ्ट को आसमान से गिरा सकता है। S-400 को रूस का सबसे अडवांस लॉन्ग रेंज सर्फेस-टु-एयर मिसाइल डिफेंस सिस्टम माना जाता है। यह दुश्मन के क्रूज, एयरक्राफ्ट और बलिस्टिक मिसाइलों को मार गिराने में सक्षम है। यह सिस्टम रूस के ही S-300 का अपग्रेडेड वर्जन है। इस मिसाइल सिस्टम को अल्माज-आंते ने तैयार किया है, जो रूस में 2007 के बाद से ही सेवा में है। यह एक ही राउंड में 36 वार करने में सक्षम है।
रूस ने अप्रैल 2007 में किया था तैनात
400 किलोमीटर तक मार करने वाले इस सिस्टम को रूस ने 28 अप्रैल, 2007 को तैनात किया था। मौजूदा दौर का यह सबसे अडवांस एयर डिफेंस सिस्टम है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक इजरायल और अमेरिका का मिसाइल डिफेंस सिस्टम भी मजबूत है, लेकिन उनके पास लॉन्ग रेंज की मिसाइलें हैं। इसकी बजाय रूस के पास कम दूरी में मजबूती से मार करने वाला मिसाइल डिफेंस सिस्टम है। यह एयरक्राफ्ट्स को मार गिराने में सक्षम है, जिसके जरिए अटैक का भारत पर खतरा रहता है।
-एजेंसियां

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