रूस ने कहा, भारत को चीन से लड़वा रहे हैं पश्‍चिमी देश

मॉस्‍को। भारत और चीन सीमा पर लंबे समय से बने तनाव के बीच रूस के विदेश मंत्री सरगेव लावरोव ने कहा है कि पश्चिमी ताकतों ने एंटी चाइना गेम्स में भारत को उलझाने के लिए आक्रामक और कुटिल नीति अपनाई है। लावरोव ने पश्चिमी देशों पर भारत के साथ रूस की घनिष्ठ साझेदारी और विशेष संबंध को कमतर आंकने का भी आरोप लगाया।
मंगलवार को सरकारी थिंक टैंक रसियन इंटरनेशनल अफेयर्स काउंसिल की आम बैठक के दौरान विदेश मंत्री की ओर से दिया गया यह बयान भारत-प्रशांत अवधारणा को लेकर मास्को के पारंपरिक संदेह को दिखाता है। यह बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि रूस भारत-चीन के बीच सीमा तनाव को खत्म कराने के लिए परोक्ष रूप से दबाव डाल रहा है।
एक नियम-आधारित व्यवस्था और कथित रासायनिक और साइबर-हैकिंग उल्लंघनों के लिए प्रतिबंधों के उपयोग के लिए उनकी “कुख्यात अवधारणा” के लिए पश्चिमी और यूरोपीय शक्तियों की आलोचना करते हुए, लावरोव ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के तहत वैश्विक निकायों की भागीदारी के बिना ऐसी चालें की जाती हैं।
लावरोव ने पश्चिमी देशों पर अपनी ही बात को सही ठहराने के प्रयास का आरोप लगता हुए कहा कि रूस इस बात पर सहमत है कि मौजूदा मतभेदों के बावजूद वैश्विक संगठनों में काम करना बेहतर है।
उन्होंने कहा, ”पश्चिम एकध्रुवीय विश्व व्यवस्था को बहाल करने की कोशिश कर रहा है लेकिन रूस और चीन जैसे देश इसके अधीनस्थ नहीं होंगे।”
लावरोव ने कहा कि ”हालांकि, भारत वर्तमान में पश्चिमी देशों की निरंतर, आक्रामकता और कुटिल नीति का एक साधन है क्योंकि वे इसे चीन विरोधी खेलों में शामिल करने की कोशिश कर रहे हैं। कथित क्वाड के जरिए हिंद-प्रशांत रणनीति को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके साथ ही पश्चिम भारत के साथ हमारी करीबी को कमतर आंकने का प्रयास कर रहे हैं।”
लावरोप ने यह भी कहा कि अमेरिका की ओर से भारत पर मिसाइल टेक्नॉलजी कंट्रोल (MTC) क्षेत्र में सख्त दबाव का उद्देश्य भी यही है। माना जा रहा है कि लावरोव का इशारा रूस के साथ S-400 एयर डिफेंस सिस्टम समझौते की ओर है। जिसके लिए अमेरिका भारत पर प्रतिबंधों की धमकी दे रहा है। भारत की ओर से लावरोव के बयान पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। पहले भारत कहता रहा है कि रूस के साथ इसका संबंध समय के साथ परखा हुआ और अमेरिका जैसे दूसरे पार्टनर्स के रिश्तों में बदलाव से निष्प्रभावी है।
-एजेंसियां

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