रूस ने अफगानिस्‍तान में भारत की कूटनीति को सराहा

अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान तेज़ी से नये इलाक़ों पर नियंत्रण कर रहा है और इससे भारतीय हित प्रभावित हो सकते हैं. अपने हितों की सुरक्षा के लिए भारत कई स्तर पर कूटनीतिक प्रयास कर रहा है.
समाचार एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक रूस के एक वरिष्ठ राजनयिक ने भारत के इन प्रयासों की सराहना की है.
नई दिल्ली में रूसी मिशन के डिप्टी चीफ़ रोमान बाबुश्किन ने एक प्रेस वार्ता में कहा कि तालिबान इस समय अफ़ग़ानिस्तान की हक़ीक़त है और सभी जातीय समूहों के प्रतिनिधित्व से बनने वाले समावेशी सरकार ही अफ़ग़ानिस्तान में शांति ला सकती है.
उन्होंने कहा कि भारत और रूस दोनों ही अफ़ग़ानिस्तान में शांति वार्ता के पक्षधर हैं और देश के बदलते हालात पर नज़र रखे हुए हैं.
उन्होंने कहा कि अफ़ग़ानिस्तान एक अहम दौर से गुज़र रहा है और मौजूदा संकट का समाधान सैन्य ताक़त से नहीं हो सकता है. अफ़ग़ानिस्तान से भारत के हित जुड़े हैं और भारत ही तय करेगा कि वो अफ़ग़ानिस्तान के मामलों में कितना दख़ल देता है.
उन्होंने कहा कि भारत क्षेत्रीय कूटनीति के ज़रिए अफ़ग़ानिस्तान में सक्रिय है और ये हौसला बढ़ाने वाला है. भारत अफ़ग़ानिस्तान में शांति प्रक्रिया और अफ़ग़ान लोगों के नेतृत्व की सरकार का पक्षधर है.
हाल के महीनों में अफ़ग़ानिस्तान में हिंसा बढ़ी है और कई बड़े हमले हुए हैं. अमेरिका सितंबर से पहले पूरी तरह अफ़ग़ानिस्तान को छोड़कर चला जाएगा.
इसी बीच तालिबान लड़ाके तेज़ी से नए इलाक़ों पर कब्ज़ा कर रहे हैं. कई देशों ने अफ़ग़ानिस्तान में अपनी मौजूदगी कम की है. भारत ने भी कंधार दूतावास के अपने स्टाफ़ को वापस बुला लिया है.
-एजेंसियां

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