रस्किन बॉन्ड ने कहा, भारत में जल्‍द पाठकों से अधिक लेखक होंगे

मशहूर लेखक रस्किन बॉन्ड का कहना है कि भारत में ऐसा जल्द ही हो सकता है कि पाठकों के मुकाबले लेखकों की संख्या अधिक हो जाए. उन्होंने कहा कि देश का प्रकाशन उद्योग पिछले कई वर्षों में काफी विकसित हुआ है और इससे युवा लेखकों को फायदा मिल रहा है.
हाल ही में 85 वर्षीय लेखक स्कूली छात्रों के लिए एक अंग्रेजी लर्निंग एप ‘माय एल्सा’ के लॉन्च अवसर पर शहर में थे. भारत के मौजूदा साहित्यिक परिदृश्य को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, ‘प्रकाशन एक ऐसे दौर में आ गया है जब अधिक से अधिक लेखक इससे अच्छी कमाई कर रहे हैं लेकिन मुझे लगता है कि अभी बड़ी संख्या में लोग लिख रहे हैं और ऐसा समय आने का खतरा है जब पाठकों से ज्यादा लेखक होंगे. हम चाहते हैं कि लोग किताब भी खरीदें.’
नए लेखकों को सलाह देते हुए उन्होंने कहा, ‘सबसे जरूरी चीज है भाषा में विश्वास होना. आपको कुछ कहना होगा और इसके लिए अच्छा शोध करना होगा.’
उनसे जब उनके पसंदीदा लेखक के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वैसे तो बचपन से ही उन्हें कई लेखक पसंद हैं लेकिन उनमें से चार्ल्स डिकंस, समरसेट मौघम और रबींद्रनाथ टैगोर ज्यादा पसंद हैं.
-एजेंसियां

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