शहीद कॉन्स्टेबल जावेद अहमद डार को अंतिम विदाई देने उमड़ी भीड़

शोपियां। नम आंखें, चीख पुकार के बीच एक बुजुर्ग मां अभी भी अपने जवान बेटे का इंतजार कर रही है, उसे यकीन नहीं है कि उसका बेटा दुनिया से जा चुका है। जैसे ही शहीद जावेद अहमद डार का शव उनके घर पहुंचा, उनकी मां बिलख-बिलखकर रोने लगीं। चारों तरफ माहौल गमगीन हो गया। हर तरफ उदासी का मंजर था। आतंकवादियों के खिलाफ गुस्सा था। बता दें कि आतंकियों ने गुरुवार को डार को अगवा कर लिया था फिर उनका शव मिला था।
डार के घर पर रिश्तेदारों के अलावा इलाके के लोग मौजूद रहे। इनका भले ही जावेद से कोई रिश्ता न हो लेकिन एक जवान की शहादत को सलाम करने ये सभी इकट्ठा हुए थे। बता दें कि आतंकियों ने डार को शोपियां के कचडूरा इलाके में एक मेडिकल स्टोर के बाहर से अगवा कर लिया था।
खबरों के मुताबिक आतंकियों ने शोपियां के वेहिल इलाके में कॉन्स्टेबल जावेद अहमद डार का बीती रात अपहरण किया था और इसके बाद उन्हें लेकर मौके से फरार हो गए थे। उनका शव कुलगाम के परिवान में सुबह स्थानीय लोगों द्वारा पाया गया। इससे पहले जम्मू-कश्मीर पुलिस के जवानों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उन्हें अंतिम सलामी दी।
बौखलाए आतंकी जवानों को बना रहे निशाना
बता दें कि सेना और पुलिस द्वारा ऑपरेशन ऑलआउट से बौखलाए आतंकी लगातार जवानों को निशाना बना रहे हैं। जम्मू-कश्मीर में इससे पहले भी आतंकियों द्वारा सेना के जवान औरंगजेब का अपहरण करने के बाद बेरहमी से उनकी हत्या कर दी गई थी। सेना की 44 राष्ट्रीय राइफल्स रेजीमेंट के जवान औरंगजेब का शव पुलवामा के गुस्सू गांव में बरामद किया गया था। औरंगजेब ईद मनाने अपने घर जा रहे थे।
-एजेंसी

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