आरएसएस प्रमुख ने कहा, हम इंटरनेट पर ट्रोलिंग और आक्रामक रवैये को सपोर्ट नहीं करते

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने मंगलवार को कहा, “हम इंटरनेट पर ट्रोलिंग और आक्रामक रवैये को सपोर्ट नहीं करते है।” भागवत ने ये बयान फॉरेन डिप्लोमैट्स को एड्रेस करते हुए कही।
न्यूज़ एजेंसी एएनआई के मुताबिक भागवत ने इंडियन फाउंडेशन के 7वें ब्रेकफास्ट ब्रीफिंग सेशन में फॉरेन डिप्लोमैट्स को एड्रेस किया। उन्होंने कहा, “ट्रोलिंग बिलो द बेल्ट (below the belt) की जाती है। हम उन लोगों का सपोर्ट नहीं करते जो नेट पर या कहीं और ऐसा आक्रामक बर्ताव करते हैं।”
आरएसएस और डिप्लोमैट्स के बीच पहली बार इस तरह का संवाद हुआ है। उन्होंने ये भी कहा कि आरएसएस किसी किस्म का भेदभाव नहीं करता और देश-दुनिया में एकता ही इसका लक्ष्य है।
हम किसी को बंदूक की नोक पर हिंदू नहीं बनाते
इससे पहले मोहन भागवत ने सोमवार को हरिद्वार में एक संत सम्मेलन में कहा था कि आरएसएस किसी को बंदूक की नोक पर या लालच देकर हिंदू बनाने का काम नहीं करता बल्कि लोग खुद हिंदू धर्म में आना चाहते हैं।
आरएसएस चीफ ने यह भी कहा कि हिंदू धर्म विश्व का सबसे पुराना धर्म है। बाकी सब सम्प्रदाय हैं।
जन्मदिन पर की गंगा पूजा
भागवत ने सोमवार को अपने जन्मदिन पर हरिद्वार पहुंचकर गंगा पूजन किया। दिल्ली से शताब्दी एक्सप्रेस से हरिद्वार पहुंचे सर संघचालक ने हरिद्वार के कनखल में सन्यास मार्ग स्थित सूरतगिरी आश्रम पहुंचकर गंगा की पूजा की।
इस मौके पर उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत, टिहरी सांसद माला राज लक्ष्मी शाह, विधानसभा के अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल, शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक समेत प्रदेश बीजेपी संगठन के कई अधिकारी भी मौजूद थे।
संतों से लिया आशीर्वाद
हरिद्वार पहुंचने के बाद श्मोहन भागवत ने संतों से आशीर्वाद लिया। इसके बाद उन्होंने सीएम रावत से मुलाकात कर राज्य के हालात पर भी चर्चा की।
भागवत पतंजलि योगपीठ भी गए, जहां उनका जन्मदिन मनाया गया। भागवत ने इस मौके संतों के एक सम्मेलन को संबोधित किया। इस मौके पर योगगुरु बाबा रामदेव, आचार्य बालकृष्ण समेत कई संतों ने उनको गदा भेंट की।
-एजेंसी