RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कहा, राष्‍ट्रपति पद के लिए प्रस्‍ताव भी आता है तो नहीं होगा स्‍वीकार

RSS chief Mohan Bhagwat said, if the proposal for the presidential post comes then it will not accept
RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कहा, राष्‍ट्रपति पद के लिए प्रस्‍ताव भी आता है तो नहीं होगा स्‍वीकार

नई दिल्‍ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने खुद के राष्ट्रपति बनाए जाने को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगा दी है। बुधवार को उन्होंने कहा कि वह राष्ट्रपति नहीं बनना चाहते हैं। ऐसा प्रस्ताव आता भी है तो वह उसे स्वीकार नहीं करेंगे।
Sangh mein kaam karte hain,humein wahan jana nahi.Prastav aata bhi hai toh swikar nahi karna: Bhagwat on his name being in running for Pres pic.twitter.com/oTASCX9nr8
—ANI (@ANI_news) March 29, 2017
भागवत ने कहा, मीडिया में कुछ अटकलें चल रही हैं लेकिन मीडिया में जो चल रहा है, वैसा होगा नहीं। संघ में काम करता हूं और वहीं करूंगा।
बताते चलें कि शिवसेना सांसद संजय राउत ने बयान दिया था कि भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने के लिए मोहन भागवत राष्ट्रपति पद के लिए अच्छी पसंद होंगे। बेदाग छवि वाले किसी व्यक्ति को इस पद पर आसीन होना चाहिए। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा था कि उम्मीदवारी का समर्थन उद्धव ठाकरे द्वारा किया जाएगा।
Media mein jo chal raha hai, woh hoga nahi: RSS Chief Mohan Bhagwat on his name being in the running for President pic.twitter.com/EnFZhL0k5f
—ANI (@ANI_news) March 29, 2017
बताते चलें कि राष्ट्रपति का चुनाव इस साल जुलाई में होना है। बीजेपी के लिए शिवसेना का वोट काफी महत्वपूर्ण है। बीजेपी को 20,000 से 25,000 वोटों की कमी हो सकती है, जिसके लिए वह अन्य पार्टियों से बात कर सकती है।

उधर, लोकसभा में मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने कहा है कि वह राष्ट्रपति पद के लिए किसी ऐसे उम्मीदवार का समर्थन नहीं करेगी जो आरएसएस विचारधारा से जुड़े हों. कांग्रेस प्रवक्ता गौरव गोगोई ने बुधवार को संसद भवन में नियमित संवाददाता सम्मेलन में स्पष्ट कहा कि इस मामले में पार्टी उचित समय पर अपने बीच विचार-विमर्श कर निर्णय करेगी.
उनसे सवाल किया गया कि शिवसेना ने संघ प्रमुख भागवत को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाने पर समर्थन देने की बात कही है, इस पर कांग्रेस का क्या मानना है. गोगोई ने कहा, “शिवसेना की राय पर हम कुछ कहना नहीं चाहेंगे. इस बारे में हम अपने बीच विचार-विमर्श करेंगे और जो भी फैसला होगा, उसे सही समय पर हम आपको अवगत कराएंगे.”
यह पूछे जाने पर कि क्या राष्ट्रपति चुनाव में कांग्रेस किसी आम सहमति वाले उम्मीदवार को खड़ा करने का प्रयास करेगी या किसी ऐसे उम्मीदवार का समर्थन करेगी तो उन्होंने कहा, “हम आरएसएस की विचारधारा का समर्थन नहीं करते, यह बहुत स्पष्ट है. इस मामले में पार्टी उचित समय पर आतंरिक विचार विमर्श कर निर्णय करेगी.”
गौरतलब है कि वर्तमान राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का कार्यकाल जुलाई में समाप्त हो रहा है.
-एजेंसी

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