IMF के सख्त कदमों से पाक के एक दिन में डूबे 1700 करोड़ रुपये

नई दिल्‍ली। IMF की ओर से सख्त सुधार के कदमों की खबरों और अभी तक राहत पैकेज पर बात नहीं बनने से पाकिस्तान के शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज हुई है।

पाकिस्तान को कंगाली से बचाने के लिए IMF के साथ हफ्ते के आखिरी दिनों में बातचीत जारी है लेकिन आईएमएफ की ओर से सख्त आर्थिक सुधार के कदमों की खबरों और अभी तक राहत पैकेज पर बात नहीं बनने से पाकिस्तान के शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज हुई है। दो हफ्ते में पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज का बेंचमार्क इंडेक्स KSE-100 करीब 2400 अंक लुढ़क गया है। शुक्रवार को भी KSE-100 में भारी गिरावट रही. इंडेक्स 171 अंक गिरकर 34716 पर बंद हुआ, इस गिरावट में निवेशकों के 1700 करोड़ रुपये (पाकिस्तानी रुपया) डूब गए।

8 अरब डॉलर राहत पैकेज की मांग- पाकिस्तान खुद को संकट से निकालने के लिए आईएमएफ से 8 अरब डॉलर का फंड चाहता है। पाकिस्तान भुगतान संतुलन के संकट से जूझ रहा है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था के डगमगाने का खतरा है।

पाकिस्तान के अखबार डॉन में छपी खबर के मुताबिक, कमजोर आर्थिक आंकड़ों और IMF की ओर से राहत पैकेज नहीं मिलने के चलते निवेशकों ने भारी बिकवाली की है। नेशनल अकाउंट कमेटी की ओर से जारी आंकड़े बताते हैं कि वित्त वर्ष 2018-19 में पाकिस्तान की जीडीपी ग्रोथ 3.3 फीसदी रही है जबकि सरकार ने 6.2 फीसदी का लक्ष्य रखा था।

पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था डगमगा चुकी है। आतंकवाद के मसले पर पाकिस्तान की दोहरी मानसिकता के चलते वैश्विक स्तर पर उसे व्यापार नहीं मिल पा रहा है जिससे देश के भीतर महंगाई चरम पर पहुंच चुकी है। कंगाल पाकिस्तान को बचाने के लिए अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) एक शर्त रखी है जिसके मुताबिक दो वर्षों में पाकिस्तान को 700 अरब रुपये का टैक्स छूट वापस लेना होगा। आईएमएफ के शर्त पर पाकिस्तान ने सहमति दे दी है। टैक्स छूट वापस लेने से पाकिस्तान में महंगाई और आसमान पर पहुंच जाएगी।

महंगी होगी बिजली और गैस
दोनों पक्ष इस बात पर भी सहमत हुए कि पाकिस्तान अगले बजट में उपभोक्ताओं के लिए बिजली और गैस की कीमतें बढ़ाएगा।
लगातार बढ़ रहा है कर्ज का बोझ-पाकिस्तान पर कर्ज का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है। वहीं विदेशी भुगतान के लिए धन की कमी से जूझ रहे पाकिस्तान ने राहत पैकेज के लिए अंतर्राष्ट्रीय मुद्राकोष (IMF) के प्रतिनिधिमंडल के साथ तकनीकी रूप की चर्चा शुरू की है।

बैंक के प्रतिनिधियों व पाकिस्तान के अधिकारियों के बीच यह वार्ता करीब एक सप्ताह तक चलेगी. आईएमएफ से पाकिस्तान लगभग आठ अरब डॉलर के कोश की मांग कर रहा है। पाकिस्तान भुगतान संतुलन के संकट से जूझ रहा है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था के डगमगाने का खतरा है।
-एजेंसी

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