रोहित शेखर तिवारी मर्डर केस: अपूर्वा शुक्ला 14 दिन की न्यायिक हिरासत में

नई दिल्‍ली। हाई प्रोफाइल रोहित शेखर तिवारी मर्डर केस में दिल्ली की एक अदालत ने उनकी पत्नी अपूर्वा शुक्ला को शुक्रवार को 14 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया। मुख्य मेट्रोलिटन मजिस्ट्रेट दीपक सहरावत ने पुलिस द्वारा यह जानकारी दिए जाने के बाद कि अपूर्वा को हिरासत में लेकर पूछताछ की जरूरत नहीं है, उसे जेल भेज दिया।
तिवारी की हत्या के आरोप में अपूर्वा को 26 अप्रैल को गिरफ्तार किया गया था। हत्या का कारण वैवाहिक जीवन में तनाव और नाराजगी बताया गया है। रोहित शेखर दिवंगत वरिष्ठ नेता एन डी तिवारी के बेटे थे।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक 15 और 16 अप्रैल के दरम्यानी रात में गला दबा कर रोहित की हत्या की गई थी। उच्चतम न्यायालय की वकील अपूर्वा से रविवार से हत्या को लेकर पूछताछ की जा रही थी।
रोहित शेखर तिवारी की मां उज्ज्वला ने गुरुवार को कहा कि उन्होंने अपने बेटे को अपूर्वा को लेकर चेताया था, लेकिन उसने उनकी बातों पर कोई ध्यान नहीं दिया और उनके बेटे को मार कर अपूर्वा ने पूरे परिवार को खत्म कर दिया। उज्ज्वला ने बताया कि शादी के कुछ दिनों बाद ही पिछले साल मई के आस-पास रोहित को छोड़कर जाने के बाद अपूर्वा ने रोहित को 2 बार कानूनी नोटिस भेजा और वह अक्सर रोहित को ‘मां का बेटा’ कहती थी।
रोहित की मां का है क्या कहना
इससे पहले रोहित की मां, 80 साल की उज्ज्वला ने बताया कि उन्होंने बेटे की शादी बेंगलुरु की एक युवती से तय की थी लेकिन अपूर्वा रोहित पर शादी के लिए दबाव बना रही थी। शुरुआत में जब अपूर्वा ने अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं शेयर कीं तो रोहित ने अपूर्वा से दूरी बना ली थी। अपूर्वा ने कहा, ‘जब वह पहली बार हमारे घर आई थी तो मैंने रोहित को सचेत रहने को कहा था। अपूर्वा ने पूछा था कि क्या वह हमारे घर में एक कमरे में शिफ्ट हो सकती है? काफी हिचकने के बाद आखिरकार रोहित इसके लिए तैयार हो गया था और अपूर्वा ने हमारी अच्छाई को कमजोरी समझ लिया।’
-एजेंसियां

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