रीजनल से ग्लोबल इश्यू में तब्दील हो गई है रोहिंग्या समस्या: सुषमा स्‍वराज

सुषमा स्वराज ने कहा कि रोहिंग्या मुस्लिम अकेले बांग्लादेश की समस्या नहीं हैं। उन्होंने बांग्लादेश को भरोसा दिलाया है कि हम इस बारे में म्यांमार सरकार से लगातार बात कर रहे हैं। विदेश मंत्री ने कहा, “हम म्यांमार पर बाइलेटरल और मल्टीलेटरल चैनल्स के जरिए दबाव बना रहे हैं कि वे रोहिंग्या लोगों का निष्कासन बंद करें और बांग्लादेश में शरण लिए हुए लोगों को वापस बुलाएं।’ बता दें कि म्यांमार के रखाइन प्रोविंस में रोहिंग्या मुसलमानों पर हो रही हिंसा का मसला यूएन में उठ चुका है और ह्यूमन राइट्स ऑर्गनाइजेशन भी इस पर सवाल उठा रही हैं। इसके अलावा भारत में भी रोहिंग्या शरणार्थियों के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से जवाब मांगा है।
ढाका के न्यूज़ पेपर डेली स्टार के मुताबिक सुषमा स्वराज ने बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना के डिप्टी प्रेस सेक्रेटरी नजरुल इस्लाम से फोन पर बात की।
सुषमा ने कहा, “रोहिंग्या समस्या केवल बांग्लादेश की ही नहीं है। इस मामले में वो अकेला नहीं है। ये रीजनल इश्यू से ग्लोबल इश्यू में तब्दील हो गया है।”
बता दें कि रोहिंग्या समस्या को लेकर भारत ने बांग्लादेश में अपनी एक ह्यूमनटेरियन टीम भेजी थी।
Q. बांग्लादेश में कहां शरण ली रोहिंग्या मुस्लिमों ने?
A. म्यांमार में हिंसा के बाद रोहिंग्या मुस्लिमों ने कॉक्स बाजाहर और तेकनाफ बॉर्डर पर कैम्पों में शरण ले रखी है। इन लोगों के पास खाने, रहने, दवाओं की समस्या है। पीने के लिए साफ पानी और सेनिटेशन फैसिलिटी भी नहीं है।
Q. कितने रोहिंग्या रिफ्यूजी हैं बांग्लादेश में, समस्या क्यों?
A. यूनाइटेड नेशंस की रिफ्यूजी एजेंसी के मुताबिक, म्यांमार हिंसा के बाद रेखाइन स्टेट से 4 लाख शरणार्थी बांग्लादेश पहुंचे हैं लेकिन यहां पहले से ही जगह की कमी है। 3.5 लाख शरणार्थियों को खुले आसमान के नीचे रहना पड़ रहा है। जिसके चलते उन्हें डायरिया और दूसरी बीमारियों की समस्या झेलनी पड़ रही है।
Q. बांग्लादेश अगला कदम क्या उठाएगा?
A. शेख हसीना यूनाइटेड नेशन की 72nd जनरल असेंबली सेशन में कोफी अन्ना कमीशन की रिकमंडेशन जल्द लागू करने का प्रपोजल रखेंगी।
इस प्रपोजल में रोहिंग्या और रेखाइन बुद्धिस्थ को बाहर निकाले जाने को लेकर सही कदम उठाने, ह्यूमनटेरियन ग्रुप्स के देश में इंट्रेंस, रोहिंग्या मुस्लिमों की नागरिकता की समस्या दूर करने और 1982 सिटिजनशिप लॉ लागू करने, ह्यूमन राइट्स का उल्लंघन करने वालों को सजा देने, फ्रीडम ऑफ मूवमेंट पर रोक खत्म करने जैसी रिकमंडेशन की थीं।
बांग्लादेश के फॉरेन मिनिस्टर महमूद अली ने कहा कि पीएम इस समस्या की मूल वजह यूएन में रखेंगी।
Q. भारत सरकार का क्या स्टैंड है रोहिंग्या शरणार्थियों पर?
A. भारत में रोहिंग्या का मसला तब गरमाया जब जुलाई में होम मिनिस्ट्री ने कहा कि अवैध अप्रवासी जैसे रोहिंग्या मुस्लिम सिक्युरिटी के बड़ी चुनौती हैं। हो सकता है कि इन्हें टेरर ग्रुप्स ने रिक्रूट किया हो। केंद्र ने राज्य सरकारों से इन अवैध अप्रवासियों की पहचान करने और देश से बाहर भेजने के निर्देश दिए। इसके लिए डिस्ट्रिक्ट लेवल पर टास्क फोर्स बनाए जाने के भी निर्देश दिए गए।
राजनाथ ने कहा था, ”केंद्र सरकार अवैध शरणार्थियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करेगी लेकिन हमें पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के अल्पसंख्यकों के साथ सहानुभूति भी है, जिन्होंने भारत में शरण ली है।”
Q. सुप्रीम कोर्ट कैसे पहुंचा रोहिंग्या का मसला?
A. 2 रोहिंग्या अप्रवासियों मोहम्मद सलीमुल्लाह, मोहम्मद शाकिर UNHCR के तहत शरणार्थी के रूप में रजिस्टर किए गए थे। इन लोगों ने सुप्रीम कोर्ट में रोहिंग्या लोगों के निष्कासन के सरकार के फैसले के खिलाफ पिटीशन दायर की थी।
पिटीशन में कहा गया कि हम लोगों ने म्यांमार में फैली हिंसा के बाद इंडिया में शरण ली। इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स कन्वेंशंस के लिहाज से हमारा डिपोर्टेशन नहीं किया जा सकता है।
Q. सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा, सरकार क्या कर रही है?
A. सुप्रीम कोर्ट ने सरकार ने इस पिटीशन के संबंध में सरकार से एफिडेविट फाइल करने को कहा।
राजनाथ सिंह ने कहा कि रोहिंग्या मुस्लिमों के निष्कासन की योजना पर सुप्रीम कोर्ट में एफिडेविट सोमवार को फाइल करेंगे।
Q. भारत के स्टैंड पर यूएन ह्यूमन राइट्स काउंसिल ने क्या कहा?
A. ह्यूमन राइट्स काउंसिल 36th सेशन में ऑफिशियल जैद राद अल हुसैन ने रोहिंग्या मुस्लिमों पर भारत के हालिया एक्शन की निंदा की थी।
उन्होंने कहा था, “भारत कलेक्टिव एक्सपल्शन (सामूहिक निष्कासन) नहीं कर सकता, वो लोगों को ऐसी जगह पर वापस नहीं भेज सकता जहां उन पर अत्याचार किया जाए। मुझे अफसोस है कि जब रोहिंग्या लोगों पर उनके देश में ऐसी हिंसा हो रही है, तब भारत ऐसे कदम उठा रहा है।’
Q. यूएन में भारत ने क्या जवाब दिया?
A. रोहिंग्या पर यूएन के ह्यूमन राइट हाईकमिश्नर ने फटकार लगाई। इसके एक दिन बाद भारत ने जवाब दिया। यूएन में भारत के पर्मानेंट रिप्रेजेंटेटिव सैयद अकबरुद्दी ने कहा, “हमें इस बात का दुख है कि यूनाइटेड नेशंस की बॉडी (ह्यूमन राइट हाई कमिश्नर) में आतंकवाद की असल समस्या को नजरंदाज कर दिया गया।”
Q. भारत में कितने रोहिंग्या हैं?
A. सरकार ने 9 अगस्त को पार्लियामेंट में बताया कि मौजूदा डाटा के हिसाब से भारत में अभी 14 हजार रोहिंग्या हैं, जो UNHRC से रजिस्टर्ड हैं। हालांकि, कुछ इनपुट्स ऐसे भी मिले हैं कि 40 हजार रोहिंग्या भारत में अवैध तरीके से रह रहे हैं। ये रोहिंग्या मुस्लिम जम्मू, हैदराबाद, हरियाणा, यूपी, दिल्ली-एनसीआर और राजस्थान में रह रहे हैं।
-एजेंसी